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BRICS Summit: पुतिन ने की Mahindra की तारीफ, बताया भारत की ग्लोबल कारोबारी ताकत का उदाहरण
 

 

नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय कारोबारी क्षेत्र की क्षमता की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने Mahindra का खास तौर पर उल्लेख करते हुए इसे उन कंपनियों के उदाहरण के तौर पर पेश किया, जिन्होंने घरेलू बाजार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।


पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब BRICS देश आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
पुतिन ने Mahindra को लेकर क्या कहा?
पुतिन ने BRICS मंच से कहा कि सदस्य देशों में ऐसी कई कंपनियां मौजूद हैं, जो अपने देश की सीमाओं से बाहर निकलकर वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। उन्होंने Mahindra का नाम लेते हुए बताया कि निजी कंपनियां भी BRICS की आर्थिक ताकत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उनके बयान का संकेत साफ था कि BRICS की आर्थिक क्षमता केवल सरकारों और सरकारी कंपनियों तक सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी अंतरराष्ट्रीय कारोबार और निवेश के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही हैं।


Mahindra क्यों बना चर्चा का हिस्सा?
Mahindra भारत के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल है। कंपनी का कारोबार ऑटोमोबाइल के अलावा टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और अन्य क्षेत्रों तक फैला हुआ है। समूह की मौजूदगी भारत के बाहर भी है और इसकी कंपनियां अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार करती हैं।
ऐसे में BRICS जैसे वैश्विक मंच पर Mahindra का उदाहरण देना भारत की औद्योगिक क्षमता, निजी क्षेत्र और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ती पहुंच को रेखांकित करता है।


BRICS के लिए नए निवेश प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव
पुतिन ने अपने संबोधन में BRICS देशों के बीच निवेश बढ़ाने के लिए एक नए प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव भी रखा। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के निजी क्षेत्र को बड़े निवेश वाले क्षेत्रों से जोड़ना है।
इस प्रस्ताव के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इससे BRICS देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों में कारोबार और निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं।