BREAKING:INDIA Alliance Protest: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, आज ‘सड़क पर संसद’, कल रामलीला मैदान में बड़ी रैली
दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने अपना विरोध तेज कर दिया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग लाने की पहल की जाएगी। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दल ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली करेंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन बारिश के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शुक्रवार को कहा था कि शनिवार को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग लाया जाएगा। इसके अगले दिन रामलीला मैदान में मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और आम लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता
INDIA ब्लॉक के इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाना है। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष की ओर से आयोजित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम के जरिए जनता के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी। हालांकि, यह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संसद में चलने वाले औपचारिक महाभियोग के समान नहीं है।
सपा बोली- यूपी MLC चुनाव में भाजपा ने बेईमानी से जीत हासिल की
विपक्षी गठबंधन के विरोध के बीच समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। सपा नेता धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कुछ सीटों पर बेईमानी और जोड़-तोड़ के जरिए जीत हासिल की है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई को देश के लोग समझ रहे हैं और उसका समर्थन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव में पढ़े-लिखे मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी को मजबूती दी है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि आम जनता की भी है। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
व्यापारियों ने रैली टालने की मांग की
दिल्ली में प्रस्तावित बड़ी रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को होने वाली रैली स्थगित करने की अपील की है।
संगठन इससे पहले राहुल गांधी को भी तीन बार पत्र लिख चुका है। CTI का दावा है कि रैली के कारण दिल्ली के करीब 20 बाजारों में 10 हजार से 12 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा संगठन ने भारी ट्रैफिक जाम की आशंका भी जताई है। व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए या फिर इसे बुराड़ी ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया जाए।
दिल्ली में 270 कंपनियां CAPF तैनात
विपक्ष की रैली और संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। इन बलों की तैनाती और व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दी गई है।
तैनात किए गए बलों में CRPF की 125, BSF की 46, ITBP की 39, SSB की 31, RAF की 20 और CISF की 12 कंपनियां शामिल हैं। इनकी तैनाती पहले भी विभिन्न प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए की गई थी।
SIR और चुनाव आयुक्त के खिलाफ पहले भी प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक के नेता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अक्टूबर में भी कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। विपक्षी दलों ने 6 से 13 अक्टूबर के बीच लगातार बैठकें और प्रदर्शन आयोजित किए थे।
इसके अलावा 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी दलों ने भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
उस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अब एक बार फिर INDIA ब्लॉक की रैली और सड़क पर संसद कार्यक्रम के कारण राजधानी की राजनीति गर्माने के आसार हैं।