बंगाल चुनाव/उपचुनाव में BJP का बड़ा कार्ड: सुवेंदु के पूर्व PA की मां को मिला टिकट, गरमाई सियासत
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार तय कर लिया है। बीजेपी की ओर से हासिरानी रथ आज नामांकन दाखिल करेंगी। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी मई में हत्या कर दी गई थी। नामांकन के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नंदीग्राम से जुड़े शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
चुनाव आयोग ने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान कराने की घोषणा की है। इसके बाद से ही हासिरानी रथ का नाम बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे माना जा रहा था।
पांच बार पंचायत चुनाव जीत चुकी हैं हासिरानी
हासिरानी रथ का स्थानीय राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह अब तक पांच बार पंचायत और पंचायत समिति का चुनाव जीत चुकी हैं। पार्टी की ओर से जिम्मेदारी मिलने की संभावना पर उन्होंने पहले ही कहा था कि वह संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी विनम्रता और निष्ठा के साथ निभाएंगी।
हासिरानी ने यह भी कहा था कि बड़े बेटे चंद्रनाथ रथ की मौत के बाद शुभेंदु अधिकारी उनके परिवार के लिए अभिभावक की तरह खड़े रहे। अगर उन्हें पार्टी या शुभेंदु अधिकारी की ओर से कोई जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का बाकी समय नंदीग्राम की जनता की सेवा में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है।
मई में हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या
चंद्रनाथ रथ की मई में मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना उस समय हुई थी, जब शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने में केवल दो दिन बाकी थे।
घटना के बाद शुभेंदु अधिकारी रथ परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि वह आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे और अभिभावक की भूमिका निभाएंगे। इसके बाद से शुभेंदु अधिकारी और रथ परिवार के बीच करीबी संबंध बने हुए हैं।
इसी पारिवारिक और राजनीतिक समीकरण को देखते हुए हासिरानी रथ की उम्मीदवारी को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए बीजेपी का महत्वपूर्ण दांव माना जा रहा है।
शुभेंदु के भाई ने किया बड़ी जीत का दावा
कांथी से सांसद और शुभेंदु अधिकारी के भाई सौमेंदु अधिकारी ने कहा कि उपचुनाव के उम्मीदवार का अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बीजेपी उम्मीदवार इस चुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज करेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य पिछली बार विधानसभा चुनाव में हासिल जीत के अंतर को भी पार करना है।
नंदीग्राम में TMC की कमजोर होती जमीन?
विधानसभा चुनाव में हार के बाद नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस की जमीनी सक्रियता को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार को बेलेघाटा से टीएमसी विधायक कुणाल घोष के बयान ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सामने ला दिया।
कुणाल घोष ने नंदीग्राम में पार्टी की स्थिति कमजोर होने के लिए कोलकाता से भेजे गए नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें नंदीग्राम की जिम्मेदारी दी गई थी, तब पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया था।
उन्होंने कहा कि बाद में राजीब बनर्जी, तन्मय घोष और दूसरे नेताओं को ‘विशेषज्ञ’ बताकर नंदीग्राम भेजा गया और उन्हें बिना सूचना दिए जिम्मेदारी से हटा दिया गया। हालांकि, कुणाल घोष ने यह भी कहा कि फिलहाल वह इस पूरे मामले से जुड़ी कुछ बातें सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
उपचुनाव में दिलचस्प होगी बीजेपी बनाम TMC की टक्कर
नंदीग्राम पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति का बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। अब उपचुनाव में बीजेपी की ओर से हासिरानी रथ के मैदान में उतरने से मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
एक तरफ बीजेपी स्थानीय पकड़ और शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव के भरोसे चुनावी मैदान में है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के सामने नंदीग्राम में अपनी जमीनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। 6 अक्टूबर को होने वाला मतदान इस सीट पर दोनों दलों की राजनीतिक ताकत का अहम संकेत माना जा रहा है।