☰
×

'लोकतंत्र की हत्या कर रही है BJP': घर में बंद किए जाने के आरोप पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर बरसीं ममता बनर्जी

 

पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में होने वाली TMC की जनसभा से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रैली में शामिल होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें सभा स्थल तक जाने से रोका जा रहा है और उन्हें लगभग नजरबंद जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की रैली में जाने वाले रास्ते पर कथित तौर पर बीजेपी समर्थकों ने कब्जा कर लिया है और वहां पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी। हालांकि, ये आरोप ममता बनर्जी और TMC की ओर से लगाए गए हैं।

कुणाल घोष की कार पर अंडे और पत्थर फेंकने का आरोप

इसी बीच रैली में शामिल होने जा रहे TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर अंडे और पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में उनकी कार की पिछली विंडस्क्रीन को नुकसान पहुंचा और घटना के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

TMC नेताओं ने इस घटना के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर जांच जारी है।

ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद श्रीरामपुर में सभा आयोजित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया और कई लोगों के साथ मारपीट की गई।

ममता ने यह भी कहा कि पार्टी के लोगों को घेरा गया है और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि वह खुद मौके पर जाकर स्थिति देखने वाली हैं।

हाई कोर्ट की अनुमति के बाद हो रही है सभा

दरअसल, श्रीरामपुर में TMC की सभा को लेकर पहले से ही कानूनी विवाद चल रहा था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 सितंबर को श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में सभा आयोजित करने की अनुमति दी थी। अदालत ने सभा के लिए कई शर्तें भी तय की हैं।

अदालत के आदेश के मुताबिक, सभा शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा सकती है और इसमें अधिकतम 1,000 लोगों के शामिल होने की अनुमति है। इसके अलावा आयोजकों को जीटी रोड पर किसी तरह की रैली या जाम नहीं करने और सभा के दौरान भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान से बचने का निर्देश दिया गया है।

बारिश के बीच तैयारियां जारी

TMC की ओर से सभा की तैयारियां जारी रहने की बात कही गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे और तय समय के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में होने वाली इस सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहती है और ममता बनर्जी के आरोपों के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।