Bihar MLC Election: अनुज सिंह के नामांकन में अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, पटना शिक्षक सीट पर भी चर्चा तेज
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ती जा रही है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के नामांकन के दौरान जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी ने चुनावी चर्चा को और तेज कर दिया। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन से पहले अनंत सिंह खुली जीप में समर्थकों के साथ नजर आए। इस दौरान समर्थकों की भीड़ भी दिखाई दी।
नीरज कुमार के खिलाफ पहले ही जाहिर कर चुके हैं समर्थन
पटना स्नातक सीट से जेडीयू ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह पहले ही अनुज सिंह के समर्थन की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में नामांकन के दौरान उनकी मौजूदगी को इसी राजनीतिक समीकरण के संदर्भ में देखा जा रहा है।
डॉ. ज्योति के साथ तस्वीर ने बढ़ाई चर्चा
अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम से सामने आई तस्वीरों में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की उम्मीदवार डॉ. ज्योति भी अनंत सिंह के साथ नजर आईं। इसके बाद चर्चा का दायरा पटना स्नातक सीट से आगे बढ़कर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तक पहुंच गया है।
पटना शिक्षक सीट से बीजेपी ने मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव को फिर उम्मीदवार बनाया है। वह इस सीट से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। ऐसे में जन सुराज उम्मीदवार डॉ. ज्योति के साथ अनंत सिंह की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं।
आठ सीटों पर होना है विधान परिषद चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
इन सीटों पर अलग-अलग दलों और उम्मीदवारों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबले के साथ अनंत सिंह की भूमिका फिलहाल चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। वहीं पटना शिक्षक सीट पर डॉ. ज्योति और नवल किशोर यादव के बीच मुकाबले पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
बीजेपी-जेडीयू के लिए क्या मायने रखता है?
अनंत सिंह का अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आना पहले से ही पटना स्नातक सीट को चर्चा में ला चुका है। अब शिक्षक सीट से जुड़ी तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसका असर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि इसका वास्तविक असर चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।