BJP के बागी को मनाने पहुंचे बड़े नेता, तभी हुई ताऊ की एंट्री और बदल गया पूरा खेल
राजस्थान में नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर जयपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजधानी के वार्ड नंबर 134 में बीजेपी के लिए उस वक्त स्थिति दिलचस्प हो गई, जब पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतू सैनी को मनाने के लिए पार्टी के बड़े नेता पहुंचे।
जीतू सैनी को नामांकन वापस लेने और बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में आने के लिए समझाया जा रहा था। इसी दौरान वहां उनके बुजुर्ग ताऊ नानक राम पहुंच गए और उनके आते ही बातचीत का पूरा माहौल बदल गया। इस घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बागी प्रत्याशी को मनाने पहुंचे मंत्री और विधायक
वायरल वीडियो में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रवीण और हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य, जीतू सैनी से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। दोनों नेता उन्हें चुनाव मैदान से हटने और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करने के लिए समझाते दिखाई देते हैं।
वीडियो में जीतू सैनी नेताओं की बात से सहमत होते हुए नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान उन्हें पार्टी का दुपट्टा और माला भी पहनाई गई थी। वायरल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि नाम वापस लेने के बदले मनोनीत पार्षद बनाए जाने जैसे राजनीतिक विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
ऐसा लग रहा था कि बीजेपी नेताओं की मान-मनौव्वल काम कर गई है और समझौता लगभग तय हो चुका है।
तभी कमरे में पहुंचे ताऊ नानक राम
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब जीतू सैनी के बुजुर्ग ताऊ नानक राम वहां पहुंच गए। उन्होंने समझौते का विरोध करते हुए साफ तौर पर चुनाव से पीछे हटने से इनकार कर दिया।
ताऊ ने कथित तौर पर कहा कि चुनाव में हार स्वीकार है, लेकिन बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में बैठना मंजूर नहीं है। उनके इस रुख के बाद वहां माहौल गर्म हो गया।
उन्होंने जीतू सैनी के गले में डाला गया बीजेपी का दुपट्टा और माला भी उतार दी। इसके बाद बीजेपी नेताओं के साथ चल रही समझौते की बातचीत पर भी ब्रेक लग गया।
ताऊ के विरोध के बाद बदल गया फैसला
ताऊ नानक राम के विरोध के बाद जीतू सैनी भी अपने फैसले से पीछे हटते नजर आए। उन्होंने चुनाव मैदान से हटने के बजाय वार्ड 134 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही।
जीतू सैनी की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें चुनाव से हटाने के लिए दबाव और प्रलोभन दिए जा रहे थे। वहीं, बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि जीतू सैनी बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और उम्मीद है कि वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में वह अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में आ जाएंगे।
सोशल मीडिया पर छाया ‘ताऊ वाला वीडियो’
वार्ड 134 का यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। वीडियो को लोग अलग-अलग अंदाज में शेयर कर रहे हैं और ताऊ नानक राम के अचानक पहुंचने को पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा ट्विस्ट बता रहे हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव में बड़े नेताओं की मान-मनौव्वल के बीच परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य के हस्तक्षेप से बदला यह फैसला अब वार्ड 134 के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है।