दिल्लीवासियों को राहत, एलपीएससी माफी योजना 15 अगस्त तक बढ़ी
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की लेट पेमेंट सरचार्ज (एलपीएससी) माफी योजना को जनता से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इस योजना ने पारदर्शी प्रशासन और न्यायपूर्ण बिलिंग सुधारों को लेकर नागरिकों का भरोसा मजबूत किया है। अब तक 3.30 लाख से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ उठा चुके हैं, जिसके तहत लगभग 1,500 करोड़ रुपए का ब्याज माफ किया गया है, जबकि 430 करोड़ रुपए से अधिक की मूल राशि 29 जनवरी तक वसूल की जा चुकी है।
जनप्रतिनिधियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और दिल्लीभर के नागरिकों की लगातार मांग को देखते हुए सरकार ने योजना की अवधि 15 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है ताकि ज्यादा लोग वर्षों से लंबित बकाया राशि को बिना अतिरिक्त ब्याज बोझ के चुका सकें।
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में जनता का स्पष्ट समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नागरिक सही बिल देना चाहते हैं और पारदर्शी व्यवस्था का साथ देना चाहते हैं। एलपीएससी योजना को मिली प्रतिक्रिया साबित करती है कि जब सिस्टम निष्पक्ष होता है, तो लोग जिम्मेदारी से आगे आते हैं।
सरकार ने इसे दिल्ली जल बोर्ड के इतिहास में सबसे बड़ा सुधारात्मक प्रयास बताया है। अधिकारियों का कहना है कि गलत बिलिंग और वर्षों की लापरवाही के कारण नागरिकों पर भारी ब्याज का बोझ पड़ा था, जिसे अब खत्म किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह योजना राहत देने के साथ-साथ व्यवस्था सुधार का भी एक प्रभावी मॉडल बन रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछली एलपीएससी योजनाओं की तुलना में मौजूदा योजना कहीं अधिक असरदार साबित हुई है। जहां 2022–23 की योजना में 235 करोड़ रुपए की मूल राशि वसूली गई थी, वहीं मौजूदा योजना ने कम समय में ही लगभग दोगुना राजस्व जुटा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे साफ है कि जब शासन में पारदर्शिता होती है, तो जनता भी आगे आकर सहयोग करती है और दिल्ली का जल क्षेत्र अब आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ रहा है।
सरकार के अनुसार, योजना को 15 अगस्त तक बढ़ाने के पीछे कई अहम कारण रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों के अनुरोध, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों की लगातार मांग, पुरानी बिलिंग गड़बड़ियों का समाधान, जेडआरओ कार्यालयों के पुनर्गठन में हुई देरी और नागरिकों को अंतिम अवसर देना शामिल है। सरकार का कहना है कि सुधार की प्रक्रिया में समय लगता है और इस दौरान जनता को राहत देना जरूरी है।
अब सरकार ने गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को भी एलपीएससी माफी योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है। करीब 87,000 गैर-घरेलू कनेक्शनों पर 2,068 करोड़ रुपए से अधिक की मूल राशि बकाया है, जिसे अब पारदर्शी और सुधार-आधारित प्रक्रिया के तहत नियमित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि जवाबदेही सभी के लिए समान है और घरेलू उपभोक्ताओं की तरह अब गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को भी एलपीएससी योजना के तहत अपनी मूल राशि जमा करनी होगी। सरकार ने साफ किया कि सार्वजनिक धन को वर्षों तक लंबित नहीं रहने दिया जाएगा।
एलपीएससी योजना को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, दिल्ली अब जिम्मेदारी, पारदर्शिता और स्थायी व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रही है।
--आईएएनएस
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