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दिल्ली विधानसभा में दवा घोटाले पर हंगामा, ‘आप’ विधायकों को मार्शल ने बाहर निकाला

 

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कथित 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। दवा घोटाले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे "आप" विधायकों को मार्शल आउट कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा परिसर में पार्टी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।

"आप" विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार ने लगभग 100 करोड़ रुपये की दवाइयों को 400 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि पोर्टेबल वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण भी कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। उनका आरोप है कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय सरकार लीपापोती करने की कोशिश कर रही है। संजीव झा ने कहा कि उनकी पार्टी ने विधानसभा में नियम-59 के तहत इस कथित घोटाले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने चर्चा की अनुमति देने के बजाय विपक्षी विधायकों को सदन से बाहर करवा दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार दूसरे विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल नहीं रख रही है, जिससे सरकार की जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रश्नकाल सरकार से जवाब मांगने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यदि सदन में प्रश्नकाल ही नहीं होगा तो विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल कैसे पूछेगा और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। संजीव झा ने कहा कि पिछले 20 महीनों में केवल एक बार प्रश्नकाल आयोजित किया गया था और उस दौरान भी सरकार की ओर से किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया।

बाद में जवाब देने का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया। "आप" विधायक ने आरोप लगाया कि दिल्ली में दवा घोटाले के अलावा साइकिल घोटाला और इवेंट घोटाले जैसे कई गंभीर मामलों पर भी सरकार चर्चा से बच रही है। उनका कहना था कि सरकार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है और जनता के सामने सच्चाई आने से डर रही है। विधायक कुलदीप कुमार ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दवाइयों, ओआरएस घोल और पोर्टेबल मेडिकल मशीनों की खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं।

उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की तो पहले दो विधायकों को बाहर निकाला गया और बाद में अन्य सदस्यों को भी मार्शल आउट करने की चेतावनी दी गई। कुलदीप कुमार ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज से जुड़ा है। इसलिए सरकार को इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा करानी चाहिए, ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके। उन्होंने कहा कि AAP इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।

--आईएएनएस

पीकेटी/पीएम