'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान: नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई के साथ सामुदायिक भागीदारी पर जोर
देहरादून, 26 जून (आईएएनएस)। पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, निगरानी, पुनर्वास तथा सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के सांसद मलविंदर सिंह कंग की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76, एसएएस नगर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के दूसरे चरण के तहत की गई कार्रवाई तथा उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त कोमल मित्तल, एसएसपी (अतिरिक्त प्रभार) मनिंदर सिंह, एसपी दीपिका सिंह, एसडीएम खरड़ गुरमीत सिंह, एसडीएम बनूड़ रमणदीप कौर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम मोहाली नवदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, डीडीपीओ परमबीर कौर, नशा मुक्ति केंद्र की प्रभारी डॉ. पूजा गर्ग, अभियान की जोन इंचार्ज अनू बब्बर, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, कार्यसाधक अधिकारी तथा ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान पंजाब को नशा मुक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसकी सफलता के लिए सभी विभागों और समन्वयकों को आपसी तालमेल के साथ और अधिक सक्रियता से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, युवाओं को खेलों एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा जिन लोगों को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इलाज और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं की छवि को अक्सर नशे से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि पंजाब के युवा क्रिकेट, हॉकी, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों में देश का नेतृत्व कर रहे हैं तथा देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में उच्च पदों पर सेवाएं देकर सीमाओं की रक्षा भी कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
उपायुक्त कोमल मित्तल ने बताया कि जिला नशा मुक्ति केंद्र 100 बिस्तरों की क्षमता के साथ नशा प्रभावित युवाओं का उपचार करने के साथ-साथ उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर पुनर्वास के लिए तैयार कर रहा है। इसके अलावा जिले के 26 ओओएटी (ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) केंद्रों के माध्यम से ओपीडी आधारित उपचार और दवाइयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बैठक के दौरान जिला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह (अतिरिक्त प्रभार) ने अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि नशा तस्करों और आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए जिला पुलिस लगातार खुफिया सूचना आधारित अभियान चला रही है। प्रतिदिन 20 दिन के तथा 20 रात्रिकालीन नाके लगाए जा रहे हैं, जबकि 20 से 30 नियमित छापेमारी कर नशा तस्करों और उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। हॉटस्पॉट एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (सीएएसओ) भी चलाए जा रहे हैं।
मार्च 2025 से अब तक चिन्हित 660 नशा विक्रेताओं में से 314 तथा 85 चिन्हित नशा तस्करों में से 55 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी अवधि के दौरान एनडीपीएस अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत 1,587 एफआईआर दर्ज कर 2,251 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस द्वारा नशा आपूर्ति के स्रोतों, अंतरराज्यीय नेटवर्क तथा संगठित अपराध गिरोहों की पहचान के लिए तकनीकी निगरानी, मानव खुफिया तंत्र एवं वित्तीय जांच का सहारा लिया जा रहा है। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध धन का पता लगाने के लिए बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, चल एवं अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है तथा कानून के अनुसार अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त एवं कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
इसी प्रकार सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए पुलिस द्वारा विभिन्न एसोसिएशनों, सामाजिक प्रतिनिधियों, विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी) तथा वार्ड डिफेंस कमेटियों (डब्ल्यूडीसी) के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मार्च 2025 से अब तक विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों के साथ कुल 5,688 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
बैठक में अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, नशा प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास को और मजबूत करने तथा नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
--आईएएनएस
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