युद्ध के बीच रसोई: जब चीनी फिल्म ने खाने को शांति का संदेश बनाया
बीजिंग, 28 अगस्त (आईएएनएस)। युद्ध की कहानियां आमतौर पर बंदूकों, बमों और रणक्षेत्र के इर्द-गिर्द घूमती हैं, लेकिन चीनी फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम इन द मिडिल ईस्ट' ने युद्ध को एक रेस्टोरेंट की रसोई के जरिए देखने की कोशिश की है।
वेन मुये द्वारा निर्देशित फिल्म चीनी कुक शू फू की कहानी है, जो कर्ज चुकाने के लिए मिडिल ईस्ट जाता है और एक चीनी रेस्टोरेंट में काम शुरू करता है। रेस्टोरेंट मैनेजर मा जुनशेंग के साथ मिलकर वह ऐसी जगह बनाता है, जहां अलग-अलग संस्कृतियों के लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं। लेकिन, युद्ध शुरू होते ही यही रेस्टोरेंट संघर्ष, पलायन और मानवीय रिश्तों का केंद्र बन जाता है।
फिल्म में खाना सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि सामान्य जीवन, सुरक्षा और शांति का प्रतीक है। युद्ध के बीच शू फू अनाथ बच्चों के लिए चावल पकाता है। साधारण सा यह भोजन बच्चों को सुरक्षा और अपनापन देता है और बाद में 'शू फू राइस स्टू' के नाम से मशहूर होता है।
कहानी का आधार इराक में चीनी रेस्टोरेंट चलाने वाले शुआई ज़ुएजुन की वास्तविक जिंदगी से भी जुड़ा है। 2004 में बगदाद में उन्होंने रेस्टोरेंट शुरू किया, जहां युद्ध के बीच भी स्थानीय ग्राहकों के साथ मानवीय रिश्ते कायम रहे। उनके अनुभव बताते हैं कि युद्ध की यादों में सिर्फ धमाकों की आवाज नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में मिले लोगों का साथ भी दर्ज रहता है।
फिल्म में इराकी अभिनेता और फूड ब्लॉगर अहमद मोहम्मद जाबेर अलकलथूम का अनुभव भी युद्ध की मनोवैज्ञानिक पीड़ा को सामने लाता है। बचपन में युद्ध देखने वाले जाबेर ने चीन में पटाखों की आवाज सुनकर भी एक पल के लिए बम विस्फोट समझ लिया था।
फिल्म पारंपरिक युद्ध फिल्मों से इसलिए अलग है क्योंकि इसका नायक कोई सुपरहीरो नहीं, बल्कि एक आम आदमी है। शू फू युद्ध के बीच धीरे-धीरे दूसरों की जिंदगी और तकलीफों से जुड़ता है, जबकि मा जुनशेंग बच्चों की रक्षा करते हुए बलिदान देता है।
11 अगस्त को चीन में रिलीज हुई फिल्म को दर्शकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। माओयान के मुताबिक, फिल्म के चीन में 2.5 अरब युआन से अधिक कमाई करने का अनुमान है। डोबान पर इसे 8.6 की रेटिंग मिली है।
फिल्म का सबसे बड़ा संदेश यही है कि युद्ध की सबसे बड़ी कीमत आम जिंदगी चुकाती है। ऐसे में एक गर्म भोजन, एक सुरक्षित घर और साथ बैठकर खाने की छोटी-सी खुशी भी शांति की सबसे बड़ी तस्वीर बन सकती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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