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वाईएसआरसीपी ने टीडीपी गठबंधन पर 112 करोड़ रुपए के लैपटॉप निविदा घोटाले का आरोप लगाया

 

ताडेपल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। वाईएसआरसीपी छात्र विंग के कार्यकारी अध्यक्ष ए. रविचंद्र ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए लैपटॉप की खरीद में 112 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। उन्होंने मांग की कि सरकार निविदाएं तुरंत रद्द करे, खरीद प्रक्रिया रोके और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश दे।

ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए रविचंद्र ने कहा कि सरकार 3,500 सरकारी हाई स्कूलों की कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के लिए 27,672 लैपटॉप खरीद रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निविदा नियमों में ढील देकर निजी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए ठेके इस तरह दिए गए कि 70 प्रतिशत आपूर्ति शानबे को और 30 प्रतिशत सेलकॉन को मिले।

उन्होंने दावा किया कि खुले बाजार में 45,000 से 50,000 रुपए में उपलब्ध लैपटॉप सरकार द्वारा 89,000 रुपए प्रति लैपटॉप की दर से खरीदे जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रति लैपटॉप लगभग 40,000 रुपए का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी खजाने को लगभग 112 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

रविचंद्र ने कहा कि गठबंधन सरकार ने केंद्र सरकार के 'मेक इन इंडिया' और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) दिशानिर्देशों की अनदेखी की है। उन्होंने बताया कि असम शिक्षा विभाग ने जीईएम के माध्यम से समान विशेषताओं वाले लैपटॉप 38,501 रुपए में खरीदे थे और सवाल उठाया कि आंध्र प्रदेश इससे दोगुने से भी अधिक कीमत क्यों चुका रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए अनिवार्य निर्माता विवरण के बजाय स्व-घोषणा की अनुमति देकर निविदा शर्तों को जानबूझकर कमजोर किया गया था। रविचंद्र ने मांग की कि शिक्षा मंत्री नारा लोकेश इस भारी मूल्य अंतर का स्पष्टीकरण दें और पूरी निविदा प्रक्रिया का खुलासा करें। उन्होंने सरकार से सीबीआई जांच का आदेश देने, निविदाओं को रद्द करने और छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण लैपटॉप की पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है तो वाईएसआरसीपी छात्र विंग राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।

--आईएएनएस

एमएस/