शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ वार्ता की
बीजिंग, 25 सितंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता की।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने आधे साल से भी कम समय में एक-दूसरे के देशों की यात्रा की, जो चीन-अमेरिका संबंधों के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विभिन्न माध्यमों से निरंतर संवाद बनाए रखा है और संयुक्त रूप से चीन-अमेरिका संबंधों के इस महान जहाज को दिशा दी है। इस साल मई में, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ संयुक्त रूप से चीन-अमेरिका रचनात्मक स्थिर रणनीतिक संबंध स्थापित करने का निर्णय लिया। यह नई परिभाषा चीन-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को दर्शाती है और भविष्य की आकांक्षाओं को भी प्रतिबिंबित करती है, जो दोनों महान देशों के बीच सही सह-अस्तित्व के मार्ग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें इस दृष्टिकोण को कार्रवाई में बदलना होगा और सहयोग को प्राथमिकता, मतभेदों को नियंत्रित और शांति को संभव बनाने की दिशा में प्रयास करना होगा, ताकि दो महान देशों के बीच सही सह-अस्तित्व का मार्ग प्रशस्त हो सके। चीन और अमेरिका को व्यावहारिक सहयोग में पारस्परिक लाभ प्राप्त करना चाहिए। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में एक-दूसरे की सफलता में योगदान देना चाहिए, मतभेदों को समानता की तलाश में हल करना चाहिए, और विश्वास के संचय से शांति का निर्माण करना चाहिए, ताकि चीन-अमेरिका रचनात्मक स्थिर रणनीतिक संबंध दोनों देशों और दुनिया के लोगों को बेहतर लाभ पहुंचा सकें।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि दोनों पक्षों की व्यापारिक समूहों ने वार्ता का एक नया दौर आयोजित किया और एक नई संयुक्त व्यवस्था हासिल की, जो दोनों देशों के उद्योगों, आम जनता और यहां तक कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। सहयोग दोतरफा है, चीन-अमेरिका व्यापारिक संबंधों की स्थिरता के लिए सहयोग की सूची को बढ़ाने और समस्याओं की सूची को कम करने दोनों की आवश्यकता है। जब तक समानता, सम्मान और पारस्परिक लाभ की भावना बनी रहेगी, समस्याओं के समाधान का रास्ता मिल जाएगा। आशा है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की ओर बढ़ेंगे, पारस्परिक लाभ की दिशा बनाए रखेंगे और चीन-अमेरिका व्यापारिक संबंधों के निरंतर स्थिर और सकारात्मक विकास को बढ़ावा देंगे।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महान देश हैं, दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा है, लेकिन सहयोग की और भी अधिक संभावना है। एक-दूसरे के खिलाफ बाधाएं खड़ने के बजाय हमें अपनी-अपनी ताकत दिखानी चाहिए। दोनों पक्ष कृत्रिम बुद्धिमत्ता संवाद जारी रख सकते हैं, इसके जोखिमों और लाभों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं, और संयुक्त रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग को रोक सकते हैं। मानव को कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए, जन-केंद्रित और सकारात्मक सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव प्रगति की सेवा कर सके।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि चीन का राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। आशा है कि अमेरिकी पक्ष "थाइवान की स्वतंत्रता" का विरोध करने का सही रुख बनाए रखेगा, थाइवान मुद्दे को सावधानीपूर्वक संभालेगा और चीन-अमेरिका रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए ठोस आधार तैयार करेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वर्तमान राजकीय यात्रा एक महान यात्रा है। अमेरिका और चीन दोनों महान देश हैं,वे राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अच्छा मित्र हैं और उनके बीच गहरा और घनिष्ठ संवाद है। दोनों के नेतृत्व में, चीन-अमेरिका संबंध निश्चित रूप से अच्छे होंगे। दोनों देशों की व्यापारिक समूहों ने वार्ता का एक नया दौर आयोजित किया और नए परिणाम प्राप्त किए, दोनों पक्षों को संवाद जारी रखना चाहिए और बेहतर समझौते तक पहुंचना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता के भविष्य से संबंधित है, अमेरिका और चीन को इस पर संवाद बनाए रखना चाहिए और सहयोग मजबूत करना चाहिए।
दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व स्थिति, यूक्रेन संकट, कोरियाई प्रायद्वीप सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया।
साथ ही उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वे 2026 वार्षिक एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) नेताओं की अनौपचारिक बैठक और जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन में एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।
इस अवसर पर चीनी पक्ष से त्साइ छी, वांग यी और हे लीफंग भी उपस्थित थे।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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