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Windfall Tax: डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स में कटौती, पेट्रोल को मिली पूरी छूट

 

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती का फैसला किया है। नई दरें 15 अगस्त 2026 से अगले पखवाड़े के लिए लागू की गई हैं। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है, जबकि डीजल और विमान ईंधन यानी ATF पर टैक्स की दर कम की गई है।

पेट्रोल एक्सपोर्ट पर टैक्स हुआ शून्य

सरकार के नए फैसले के बाद पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 3.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यानी अब निर्धारित अवधि के दौरान भारत से पेट्रोल का निर्यात करने पर इस विंडफॉल टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा।

पेट्रोल निर्यातकों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे विदेशों में पेट्रोल बेचने वाली रिफाइनिंग कंपनियों की लागत कम हो सकती है।

डीजल पर भी टैक्स घटा

सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में भी कटौती की है। डीजल पर विंडफॉल टैक्स को 25.50 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

यानी डीजल के निर्यात पर कंपनियों को अब पहले की तुलना में 1.50 रुपये प्रति लीटर कम शुल्क देना होगा।

ATF पर भी मिली राहत

विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के निर्यात पर भी शुल्क कम किया गया है। इसकी दर 22 रुपये से घटाकर 19.50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

इस फैसले से ATF का निर्यात करने वाली रिफाइनरी कंपनियों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

हर पखवाड़े होती है समीक्षा

पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स की दरों में सरकार समय-समय पर बदलाव करती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को ध्यान में रखते हुए इन दरों की समीक्षा हर पखवाड़े की जाती है।

विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य तेल की कीमतों में असाधारण तेजी के दौरान कंपनियों को होने वाले अतिरिक्त लाभ का एक हिस्सा सरकार के राजस्व के रूप में हासिल करना है।

कंपनियों पर क्या होगा असर?

टैक्स में कमी से पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को फायदा मिल सकता है। कम निर्यात शुल्क का अर्थ है कि कंपनियों के पास बिक्री से प्राप्त राशि का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा बच सकता है।

हालांकि, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमत तुरंत कम हो जाएगी। घरेलू पेट्रोल-डीजल कीमतों पर कई अन्य कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।

सरकार के ताजा फैसले में पेट्रोल को पूरी राहत मिली है, जबकि डीजल और ATF के निर्यात पर टैक्स कम किया गया है। नई दरें 15 अगस्त से अगले पखवाड़े तक प्रभावी रहेंगी।