असम में लागू होगा UCC? बहुविवाह पर सख्ती से लेकर शादी की समान उम्र तक बदल सकते हैं ये 10 बड़े नियम
Assam में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य सरकार की ओर से लगातार ऐसे संकेत दिए जा रहे हैं कि आने वाले समय में कई बड़े कानूनी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अगर UCC लागू होता है, तो विवाह, तलाक, विरासत और पारिवारिक कानूनों से जुड़े कई नियम सभी धर्मों के लिए एक समान हो सकते हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा बहुविवाह पर सख्त कानून और शादी की उम्र को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि UCC लागू होने के बाद कई पुराने नियम बदल सकते हैं। आइए जानते हैं वे 10 बड़े बदलाव, जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
1. बहुविवाह पर सख्त रोक
UCC लागू होने के बाद एक से ज्यादा शादी करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। प्रस्तावित नियमों के तहत बहुविवाह को अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है और दोषी पाए जाने पर जेल की सजा का प्रावधान हो सकता है। चर्चाओं के मुताबिक इसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान शामिल हो सकता है।
2. सभी धर्मों में शादी की समान उम्र
अभी अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और कानूनों में कुछ मामलों में अलग व्यवस्था देखने को मिलती है, लेकिन UCC के बाद विवाह की न्यूनतम उम्र सभी धर्मों के लिए समान हो सकती है।
3. शादी का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
हर विवाह का सरकारी रजिस्ट्रेशन जरूरी किया जा सकता है। इससे फर्जी शादी और कानूनी विवादों को रोकने में मदद मिलेगी।
4. तलाक के नियम एक समान
तलाक की प्रक्रिया को सभी समुदायों के लिए एक समान बनाया जा सकता है, ताकि कानूनी प्रक्रिया में भेदभाव खत्म हो।
5. महिलाओं को समान अधिकार
संपत्ति और विरासत में महिलाओं को समान अधिकार देने पर जोर दिया जा सकता है। इससे महिलाओं की कानूनी स्थिति मजबूत होगी।
6. गोद लेने के नियमों में बदलाव
सभी धर्मों के लिए एक समान दत्तक ग्रहण कानून लागू हो सकता है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
7. बच्चों के अधिकारों पर फोकस
UCC के तहत बच्चों के अधिकारों और संरक्षण को प्राथमिकता दी जा सकती है। अभिभावकता और देखरेख से जुड़े नियम भी एक जैसे हो सकते हैं।
8. लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए जा सकते हैं।
9. पारिवारिक विवादों में एक समान कानून
परिवार से जुड़े मामलों में अलग-अलग धार्मिक कानूनों की जगह एक समान सिविल कानून लागू हो सकता है।
10. कानूनी प्रक्रिया होगी आसान
सरकार का मानना है कि एक समान कानून होने से कानूनी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी, जिससे लोगों को तेजी से न्याय मिल सकेगा।
हालांकि अभी तक UCC को लेकर अंतिम रूप से सभी नियमों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राज्य की राजनीति में यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का कहना है कि इससे समानता और पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि विरोध करने वाले इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल Himanta Biswa Sarma सरकार इस मुद्दे पर लगातार चर्चा कर रही है और आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में पूरे देश की नजर अब असम सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।