×

UPI पेमेंट पर लगेगा 0.4% चार्ज? वीडियो में जाने 2 हजार से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर जानें किससे वसूली जाएगी फीस

 

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर यूपीआई पेमेंट से जुड़े शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट की। इसके मुताबिक 2 हजार रुपये तक के यूपीआई पेमेंट पर ग्राहक और कारोबारी, दोनों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी छोटी राशि के सामान्य यूपीआई भुगतान पर मौजूदा व्यवस्था के तहत किसी अतिरिक्त फीस का बोझ नहीं पड़ेगा।इस व्यवस्था में रुपे डेबिट कार्ड से किए जाने वाले पेमेंट को भी छूट के दायरे में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि निर्धारित सीमा तक रुपे डेबिट कार्ड के जरिए होने वाले भुगतान पर भी ग्राहक और कारोबारी से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, 2 हजार रुपये से अधिक के भुगतान को लेकर लागू शुल्क व्यवस्था मुख्य रूप से बड़े कारोबारी लेनदेन को ध्यान में रखकर बताई गई है।

दरअसल, यूपीआई के जरिए होने वाले पेमेंट में बड़े कारोबारियों से जुड़े लेनदेन की हिस्सेदारी राशि के लिहाज से काफी बड़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों और कारोबारियों को यूपीआई के जरिए कुल 198 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इनमें 2 हजार रुपये से अधिक राशि वाले ट्रांजैक्शन की संख्या कुल लेनदेन का केवल 4 फीसदी रही। हालांकि, इन ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 131 लाख करोड़ रुपये थी।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/4ZZa1q6HBpg?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/4ZZa1q6HBpg/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

यानी संख्या के लिहाज से 2 हजार रुपये से ज्यादा वाले ट्रांजैक्शन की हिस्सेदारी भले ही कम रही, लेकिन कुल भुगतान राशि में इनका हिस्सा करीब 66 फीसदी रहा। यही वजह है कि बड़े कारोबारी भुगतान को लेकर शुल्क व्यवस्था की चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है।यूपीआई ने देश में डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बनाया है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी और आम ग्राहक तक इसका इस्तेल करते हैं। किराने की दुकान, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप से लेकर ऑनलाइन खरीदारी तक में यूपीआई भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में शुल्क से जुड़ी किसी भी व्यवस्था का असर कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि 2 हजार रुपये तक के भुगतान पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं, 2 हजार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन में बताई गई फीस ग्राहक के बजाय कारोबारी से लिए जाने की व्यवस्था है। शुल्क की वास्तविक राशि संबंधित ट्रांजैक्शन और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।इस तरह यूपीआई इस्तेमाल करने वाले आम ग्राहकों के लिए रोजमर्रा के छोटे भुगतान में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है। दूसरी ओर, बड़े मूल्य के कारोबारी लेनदेन पर शुल्क व्यवस्था का उद्देश्य बड़े डिजिटल पेमेंट से जुड़े लागत ढांचे को निर्धारित करना है।