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NCR के प्रॉपर्टी मार्केट में अचानक क्यों बढ़ी लग्जरी होम डिमांड? 4 करोड़ से ऊपर के घरों में NRI का बड़ा दांव

 

दिल्ली-एनसीआर का प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग बाजार आने वाले दो वर्षों में भी मजबूत बने रहने की उम्मीद है. इक्विरस वेल्थ और सीबीआरई-एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर, संपन्न वर्ग की बढ़ती आय और एनआरआई निवेश इस सेगमेंट की मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं.

रियल एस्टेट बाजार में मौजूदा तेजी को अब सिर्फ छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है. इसके पीछे लंबे समय से चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और खरीदारों की बदलती प्राथमिकताएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं.

एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट ने बदली तस्वीर

द्वारका एक्सप्रेसवे के संचालन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट के विकास से एनसीआर के कई रियल एस्टेट कॉरिडोर को फायदा मिल रहा है. खासतौर पर गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कनेक्टिविटी बेहतर होने से इन इलाकों की प्रॉपर्टी में निवेश को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है.

अब खरीदार केवल किसी एक प्रोजेक्ट को देखकर फैसला नहीं ले रहे हैं, बल्कि पूरे माइक्रो-मार्केट के भविष्य और वहां होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को ध्यान में रख रहे हैं.

मजबूत मांग को देखते हुए डीएलएफ, गोदरेज प्रॉपर्टीज, सिग्नेचर ग्लोबल, ओबेरॉय रियल्टी, स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और टीएआरसी जैसी कई कंपनियों ने गुरुग्राम और नोएडा में प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं. कई परियोजनाओं को लॉन्च के शुरुआती दौर में ही अच्छी बुकिंग मिली है.

HNI और NRI खरीदारों की बढ़ी हिस्सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में दिल्ली-एनसीआर में 4 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले करीब 4,000 लग्जरी घर बिके. यह देश के सात प्रमुख शहरों में हुई कुल लग्जरी होम सेल्स का करीब 57 फीसदी हिस्सा था.

लग्जरी घरों की मांग अब सिर्फ बड़े घर या स्टेटस सिंबल तक सीमित नहीं रह गई है. हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स यानी HNI बेहतर लोकेशन, प्राइवेसी, ग्रीन स्पेस, वेलनेस और आधुनिक सुविधाओं वाले घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

वहीं, NRI खरीदार भी भारतीय रियल एस्टेट में निवेश को लेकर पहले से ज्यादा सक्रिय हैं. वे प्रॉपर्टी को सिर्फ रुपये की कीमत में बदलाव से फायदा उठाने के लिए नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन, परिवार के भविष्य और लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से भी देख रहे हैं.

खरीदारों की पसंद में आया बड़ा बदलाव

रियल एस्टेट बाजार में खरीदारों की प्राथमिकताएं भी तेजी से बदल रही हैं. अब सिर्फ घर की लोकेशन और आकार ही महत्वपूर्ण नहीं हैं. ग्राहक ऐसे प्रोजेक्ट्स की तलाश कर रहे हैं जहां प्राइवेसी, हरियाली, वेलनेस सुविधाएं, स्कूल, अस्पताल, रिटेल और वर्क हब जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें.

इसी वजह से डेवलपर्स भी बड़े आकार के घरों और प्रीमियम सुविधाओं वाले इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.

गुरुग्राम और नोएडा इस ट्रेंड के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं. इन दोनों क्षेत्रों में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी ने लग्जरी हाउसिंग की मांग को और बढ़ाया है.

जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे से उम्मीदें

नोएडा और जेवर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रीमियम रियल एस्टेट के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास विकसित हो रही औद्योगिक परियोजनाओं से इन इलाकों की कनेक्टिविटी और निवेश क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.

खरीदार अब सिर्फ वर्तमान सुविधाओं को देखकर प्रॉपर्टी नहीं खरीद रहे, बल्कि अगले कुछ वर्षों में इलाके में होने वाले विकास को भी ध्यान में रख रहे हैं. यही वजह है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर से जुड़े माइक्रो-मार्केट में प्रीमियम हाउसिंग की मांग आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद है.

हर साल 5 से 7 फीसदी बढ़ सकती हैं कीमतें

नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच संपन्न निवेशक रियल एस्टेट को एक सुरक्षित और लंबी अवधि के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.

वहीं, रॉयटर्स के एक सर्वे के अनुसार, अगले तीन वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में घरों की कीमतों में हर साल करीब 5 से 7 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान है.

अगर यह अनुमान सही रहता है तो लग्जरी प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए एनसीआर आने वाले वर्षों में भी एक महत्वपूर्ण बाजार बना रह सकता है.

बड़े और प्रीमियम घरों की बढ़ती मांग

एनसीआर में अब होमबायर्स बड़े घरों के साथ बेहतर लाइफस्टाइल सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं. ग्रीन स्पेस, क्लब हाउस, वेलनेस सेंटर, प्राइवेसी, स्कूल, अस्पताल और रिटेल सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता मिल रही है.

यही कारण है कि डेवलपर्स बड़े साइज के अपार्टमेंट, लग्जरी विला और प्रीमियम सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं.

2025 में देश के सात प्रमुख शहरों में लग्जरी होम सेल्स में दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. गुरुग्राम और नोएडा इस मांग के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल रहे.

आगे भी मजबूत रह सकता है लग्जरी रियल एस्टेट

जानकारों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर का लग्जरी रियल एस्टेट बाजार अब तेजी से एक परिपक्व सेगमेंट में बदल रहा है. बढ़ती संपत्ति, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और HNI-NRI खरीदारों की बढ़ती भागीदारी इस बाजार को मजबूती दे रही है.

ऐसे में अगले दो वर्षों में भी दिल्ली-एनसीआर का प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है. खासकर गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर जैसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के आगे बढ़ने के साथ प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है.