☰
×

Wheather Alert : चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ा, 110 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 3 राज्यों में अलर्ट

 

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4 बजे के बीच ओंगोल के पास तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवात चेन्नई से करीब 200 किलोमीटर और नेल्लोर से 210 किलोमीटर दूर था। यह 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में इसका असर दिखने लगा है। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर स्थित मयपाडु बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। आंध्र प्रदेश में NDRF की तीन टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में रविवार रात से बारिश हो रही है। चेन्नई की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी चक्रवात के प्रभाव की आशंका जताई है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात का असर शुरू, आंध्र से ओडिशा तक बारिश और तेज हवाएं

चक्रवात मुरासु का असर तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। ओडिशा के पुरी जिले में भारी बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। नेल्लोर के मयपाडु बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। तमिलनाडु के पझावेर्काडु में भी समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें देखी जा रही हैं।

राज्यवार चक्रवात मुरासु का असर

आंध्र प्रदेश: 90 जवानों की 3 NDRF टीमें तैनात

चक्रवात से निपटने के लिए NDRF की चौथी बटालियन की तीन टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें तमिलनाडु के रानीपेट जिले में अरक्कोनम के पास नागरिककुप्पम से रवाना हुई हैं। इनमें कुल 90 जवान शामिल हैं।

इन टीमों को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए लगाया गया है। चक्रवात का सबसे ज्यादा असर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में पड़ने की आशंका है।

तमिलनाडु: चेन्नई में 24 घंटे में 11 सेमी बारिश

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। माधवरम में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

लगातार बारिश के कारण शहर के 22 सबवे में से दो में पानी भर गया। चेन्नई नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंप और फील्ड टीमों को तैनात किया है। तिरुवल्लूर जिले के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं।

ओडिशा: पुरी में भारी बारिश, रायगढ़ा में रेस्क्यू टीमें अलर्ट

ओडिशा के पुरी जिले में भी चक्रवात का असर शुरू हो गया है। यहां सोमवार सुबह से लगातार भारी बारिश हो रही है और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।

रायगढ़ा जिले में प्रशासन ने सभी 11 फायर स्टेशनों की टीमों को अलर्ट पर रखा है। नेशनल हाईवे-326 पर गुम्मा घाटी और मुकुंदपुर घाटी में रास्ता बाधित होने की आशंका को देखते हुए JCB, एक्सकेवेटर और हाइड्रा क्रेन तैयार रखी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।

चक्रवात के नाम का मतलब है 'युद्ध का नगाड़ा'

चक्रवात मुरासु का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ 'युद्ध का नगाड़ा' होता है। यह तूफान 1 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के रूप में विकसित हुआ था। इसके बाद महज 24 घंटे के भीतर यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया।

एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवात है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब आया था। लगातार दो चक्रवात बनने से बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों में मौसम प्रभावित हुआ है।

चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 6 लोगों की मौत

इससे पहले बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर की देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। उस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली थीं और भारी बारिश हुई थी।

इस तूफान के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कुल 6 लोगों की मौत हुई थी। आंध्र प्रदेश में 31 घरों को नुकसान पहुंचा था और करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।

तूफान के चलते 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से संचालित 21 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इसके अलावा 16 जिलों में स्कूल भी बंद कर दिए गए थे। चेन्नई के एन्नोर बीच पर भी तूफान के दौरान करीब 20 फीट ऊंची समुद्री लहरें उठी थीं।