गैस सिलेंडर पर लिखे नंबर का क्या सीक्रेट? 90% लोग नहीं जानते ये खास कोड, सिलेंडर लेते समय जरूर करें गौर
गैस सिलेंडर हर घर का जरूरी हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिलेंडर पर छपे नंबर सिर्फ रैंडम नहीं होते? दरअसल, गैस सिलेंडर पर लिखे गए ये नंबर और कोड कई महत्वपूर्ण जानकारियां बताते हैं, जिन्हें जानना हर उपयोगकर्ता के लिए फायदेमंद हो सकता है।
सिलेंडर पर लिखे नंबर का महत्व:
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मैन्युफैक्चरिंग डेट: सिलेंडर पर अक्सर एक तारीख लिखी होती है। यह आपको बताती है कि सिलेंडर कब बना था। पुराने सिलेंडर पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि सुरक्षा मानकों के हिसाब से सिलेंडर की उम्र सीमा होती है।
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CAPACITY और WEIGHT: सिलेंडर पर भरे जाने वाले गैस का वज़न और उसकी कुल क्षमता भी अंकित होती है। इससे आप तय कर सकते हैं कि घर की जरूरत के अनुसार कितना गैस भरनी है।
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सर्टिफिकेशन कोड: कुछ सिलेंडरों पर BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) या अन्य सुरक्षा सर्टिफिकेशन कोड लिखा होता है। यह प्रमाण है कि सिलेंडर मानक सुरक्षा परीक्षण पास कर चुका है।
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सीरियल नंबर: हर सिलेंडर का एक यूनिक नंबर होता है। यह चोरी या सिलेंडर की ट्रैकिंग में मदद करता है।
सुरक्षा टिप्स:
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सिलेंडर खरीदते समय हमेशा उस पर लिखी तारीख और सर्टिफिकेशन चेक करें।
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पुराने सिलेंडर को समय-समय पर चेक कराना जरूरी है।
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किसी भी तरह की जंग या डेंट वाले सिलेंडर का इस्तेमाल न करें।
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अक्सर यह देखा गया है कि लोग सिलेंडर की उम्र या सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। गैस सिलेंडर पर लिखे ये नंबर सिर्फ आकड़े नहीं, बल्कि आपकी और परिवार की सुरक्षा से जुड़े संकेत हैं।
याद रखें, छोटी-सी सावधानी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है। सिलेंडर लेते समय इन नंबरों और कोड्स पर ध्यान दें, ताकि खाना बनाना सुरक्षित और परेशानी मुक्त रहे।