PMRC योजना क्या है ? विदेशों में भारतीयों के लिए बड़ी राहत, सरकार देगी 14 करोड़ रुपये तक सहायता, जानें पूरी डिटेल
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने 'प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर' (PMRC) स्कीम 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का मकसद उन भारतीयों को देश लौटने और यहीं अपना रिसर्च करने के लिए प्रोत्साहित करना है जो अभी दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज़ और रिसर्च सेंटर्स में काम कर रहे हैं।
अगर आप किसी रिसर्च सेंटर में काम कर रहे हैं और सरकारी फेलोशिप के ज़रिए अपना रिसर्च करना चाहते हैं, तो PMRC स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। आप PMRC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 1 जून से शुरू हो गई है और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई, 2026 है।
PMRC स्कीम क्या है?
PMRC स्कीम शिक्षा मंत्रालय की एक बड़ी पहल है, जिसे खास तौर पर विदेशों में काम कर रहे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, रिसर्चर्स और विशेषज्ञों को भारत के शिक्षा और रिसर्च इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस स्कीम के लिए चुने गए लोगों को भारत के प्रमुख संस्थानों में रिसर्च करने का मौका मिलेगा और सरकार उन्हें ₹14 करोड़ तक की आर्थिक मदद देगी।
कौन आवेदन कर सकता है?
भारतीय मूल के रिसर्चर्स, वैज्ञानिक और प्रोफेशनल्स 'प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर' (PMRC) स्कीम के तहत आवेदन करने के पात्र हैं।
विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिक
OCI कार्डधारक
भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO)
आवेदन कैसे करें?
सबसे पहले, PMRC के आधिकारिक पोर्टल pmrc.education.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर, अपना प्रपोज़ल जमा करने या "Apply Now" (अभी आवेदन करें) का विकल्प चुनें। अकाउंट बनाने और अपनी ईमेल का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए "Fellows" सेक्शन में जाएं। फॉर्म में अपनी एकेडमिक, प्रोफेशनल और रिसर्च बैकग्राउंड से जुड़ी ज़रूरी जानकारी भरें और उसे अपलोड करें।