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पुलिस की वर्दी में लगी रस्सी का क्या होता है मतलब? जानिए दिलचस्प वजह

 

आपने कई बार भारतीय पुलिस के जवानों को देखा होगा और उनकी वर्दी पर भी ध्यान दिया होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि उनकी वर्दी में कंधे के पास एक खास तरह की रस्सी (डोरी) लगी होती है? आखिर इसका क्या मतलब होता है—यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है।दरअसल, पुलिस की वर्दी में लगी इस रस्सी को “लैनयार्ड” (Lanyard) कहा जाता है। यह सिर्फ सजावट के लिए नहीं होती, बल्कि इसका ऐतिहासिक और कार्यात्मक दोनों तरह का महत्व होता है।

पहले के समय में इस रस्सी का उपयोग सीटी (Whistle) या छोटे उपकरणों को बांधने के लिए किया जाता था, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मी तुरंत उनका इस्तेमाल कर सकें। यह एक तरह से सुविधा का साधन था, जिससे जरूरी चीजें हमेशा हाथ के पास रहती थीं।इसके अलावा, यह रस्सी पुलिस बल के भीतर पद और यूनिट की पहचान का भी संकेत हो सकती है। अलग-अलग रंग और स्टाइल के लैनयार्ड से यह पता चलता है कि संबंधित अधिकारी किस विभाग या भूमिका से जुड़ा है।

आज के समय में भले ही इसका उपयोग पहले जितना न हो, लेकिन यह वर्दी का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। यह अनुशासन, परंपरा और पहचान का प्रतीक मानी जाती है।विशेषज्ञों के अनुसार, वर्दी में मौजूद हर छोटी चीज का एक खास उद्देश्य होता है—चाहे वह बैज हो, स्टार हो या फिर यह रस्सी। ये सभी चीजें मिलकर एक पुलिसकर्मी की पहचान और जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।

इस तरह, पुलिस की वर्दी में लगी यह साधारण सी दिखने वाली रस्सी दरअसल एक महत्वपूर्ण इतिहास और उपयोगिता को अपने साथ समेटे हुए है। अगली बार जब आप किसी पुलिसकर्मी को देखें, तो इस छोटे से डिटेल के पीछे छिपी बड़ी जानकारी जरूर याद रखें।