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डब्ल्यूएफआई विनेश फोगाट को जारी नोटिसों पर दो सप्ताह के भीतर फैसला ले: दिल्ली हाईकोर्ट

 

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को पहलवान विनेश फोगाट को जारी कारण बताओ नोटिसों पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।

जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को लेकर बनी अनिश्चितता किसी खिलाड़ी की मानसिक तैयारी को प्रभावित कर सकती है। अदालत ने कहा कि प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ी का मानसिक रूप से स्वस्थ, तनावमुक्त और सहज रहना जरूरी है, ताकि उसके प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर न पड़े।

हाईकोर्ट विनेश फोगाट की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्होंने डब्ल्यूएफआई की ओर से 9 मई और 17 जून को जारी दो कारण बताओ नोटिसों को चुनौती दी है।

विनेश को आशंका थी कि महासंघ आगामी प्रतियोगिताओं से ठीक पहले उनके खिलाफ प्रतिकूल फैसला ले सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें अदालत से राहत मांगने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।

विनेश की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि वह जिस राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहती हैं, उसका आयोजन दिसंबर 2026 के मध्य में प्रस्तावित है। ऐसे में उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी करनी है, लेकिन लंबित नोटिस उनके सिर पर तलवार की तरह लटक रहे हैं।

कोर्ट ने विनेश की आशंका को वास्तविक प्रतीत होने वाला बताते हुए संबंधित अधिकारियों को दोनों नोटिसों पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दो सप्ताह की निर्धारित अवधि के बाद कोई फैसला लिया जाता है तो अगली सुनवाई तक उस फैसले पर अमल नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।

भारतीय कुश्ती महासंघ ने पहलवान विनेश फोगाट को अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। महासंघ का तर्क था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों पर लागू होने वाले यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के नियमों के अनुसार 6 महीने की अनिवार्य पूर्व सूचना अवधि का पालन नहीं किया गया। संघ ने पंजीकृत परीक्षण पूल में रहते हुए अपने ठिकाने की जानकारी देने और डोपिंग परीक्षण से जुड़ी औपचारिकताओं में विफल रहने का भी आरोप लगाया था।

--आईएएनएस

पीएके