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‘हम किसी की बी टीम नहीं, छात्रों की ए टीम हैं’: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का पलटवार, वीडियो में बोले- सब मिलकर तय कर लें मैं किसकी टीम हूं

 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कांग्रेस या आम आदमी पार्टी (AAP) की ‘बी टीम’ होने के आरोपों को खारिज किया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के नासिक दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों औरनेताओं की ओर से उन्हें अलग-अलग पार्टियों की ‘बी टीम’ बताया जाता है। दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि सभी लोग एक साथ बैठकर यह तय कर लें कि आखिर वह किसकी बी टीम हैं। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की बी टीम हूं और कुछ लोग कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की बी टीम हूं। मुझे लगता है कि इन सभी लोगों को साथ बैठकर तय करना चाहिए कि मैं किसकी बी टीम हूं। जबकि, हमारे हिसाब से हम छात्रों की ए टीम हैं।”

आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल में पहुंचे दीपके

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अभिजीत दीपके नासिक में भूख हड़ताल पर बैठे आदिवासी छात्रों से मिलने पहुंचे थे। महाराष्ट्र के आदिवासी विकास विभाग के कामकाज को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार से राज्यभर के आदिवासी छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।प्रदर्शनकारी छात्र आदिवासी विकास विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित कामकाज का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा आश्रमशालाओं और छात्रावासों में छात्रों की लगातार हो रही मौतों को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।दीपके ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों और समस्याओं को समझने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार का मुद्दा किसी एक संगठन या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं होना चाहिए।

‘सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की डिग्री सामने होनी चाहिए’

नासिक दौरे के दौरान दीपके ने सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानकारी होनी चाहिए कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की शैक्षणिक योग्यता क्या है।उन्होंने कहा, “सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी जनता के सामने होनी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति की डिग्री पर सवाल उठाए जा सकते हैं और उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपनी डिग्री और शैक्षणिक प्रमाण जनता के सामने रखे।”

‘स्कूल सुधार पूरे देश के भविष्य का मुद्दा’

दीपके ने कहा कि स्कूलों की स्थिति बेहतर बनाने की मुहिम को किसी एक संगठन का अभियान नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार सीधे बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति स्कूलों में सुधार की जरूरत को मानता है, उसे इस दिशा में काम करना चाहिए। उनके अनुसार, बेहतर स्कूल और बेहतर शिक्षा बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी हैं।

राजनीतिक आरोपों पर दीपके का जवाब

CJP को कांग्रेस या AAP की ‘बी टीम’ बताए जाने के आरोपों पर दीपके ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी खुद को छात्रों की ‘ए टीम’ मानती है। उन्होंने आरोपों को लेकर राजनीतिक दलों पर तंज भी कसा और कहा कि अलग-अलग लोग उन्हें अलग-अलग पार्टियों से जोड़ रहे हैं।नासिक दौरे के दौरान उनका फोकस आदिवासी छात्रों की शिक्षा और छात्रावासों की समस्याओं पर रहा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सुधार और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर काम किए जाने की जरूरत है।