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वायनाड भूस्खलन : रांची पहुंचा अनमोल का शव, बहन बोली-पहली बार घर से बाहर काम करने गया था

 

रांची, 9 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में जान गंवाने वाले झारखंड के खूंटी जिले के प्रवासी मजदूर अनमोल डोडराय का शव गुरुवार को रांची पहुंचा। शव के रांची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों और श्रम विभाग के अधिकारियों ने उसे प्राप्त किया। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से शव को अनमोल के पैतृक गांव खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड अंतर्गत जरिया गांव भेजा गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अनमोल की बड़ी बहन प्रेमलता ने आईएएनएस को बताया कि वह करीब तीन महीने पहले पहली बार घर से बाहर निकला था और केरल में रोजगार के लिए गया था। भूस्खलन की घटना के दौरान वह इसकी चपेट में आ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। उसका शव गुरुवार सुबह रांची पहुंचा।

उन्होंने कहा कि कल ही हम लोग एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे। लंबे समय के इंतजार के बाद आज सुबह शव हमें सौंपा गया। उन्होंने कहा कि अनमोल पहली बार घर से बाहर काम करने के लिए निकला था। वह सीधा-सादा और ईमानदार लड़का था। उसे बाहरी जगहों और कामकाज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। परिवार को भी इस बात की पूरी जानकारी नहीं थी कि वह केरल में किस तरह का काम करता था।

प्रेमलता ने बताया कि अनमोल ने परिवार को बताया था कि वह केरल में गार्ड की नौकरी करता है। वह ड्रेस पहनकर ड्यूटी पर बैठता है और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता है। हालांकि, परिवार को उसके वास्तविक कार्य और कंपनी से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की घटना में अनमोल की मौत की खबर मिलने के बाद पूरा परिवार सदमे में है।

उन्होंने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की। प्रेमलता ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। पिता किसान हैं और खेती-बाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। घर में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई और छोटी बहन भी हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार की आवश्यकता है।

खूंटी के लेबर सुपरिटेंडेंट ने बताया कि अनमोल डोडराय तोरपा प्रखंड के एक गांव के रहने वाले थे। वह कुछ महीने पहले केरल के वायनाड में चल रहे टनल निर्माण कार्य में मजदूरी करने गए थे। वहां हुए भूस्खलन में उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अनमोल का शव गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे फ्लाइट से रांची एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से उसे एंबुलेंस के जरिए पैतृक गांव भेजा गया।

श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि अनमोल जिस कंपनी में काम कर रहे थे, उसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। कंपनी और संबंधित प्रशासन से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि और अन्य लाभ दिलाने के लिए तत्काल प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि वायनाड प्रशासन और वहां के कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान जारी था, जिसके कारण पूरी जानकारी जुटाने में समय लगा। अब कंपनी और जिला प्रशासन से समन्वय कर मृतक के परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

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