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दौंड के कानगांव में 16 अगस्त से आमरण अनशन, रैयत क्रांति संगठन ने आठ मांगों को लेकर सरकार पर बोला हमला

 

दौंड, 12 अगस्त (आईएएनएस)। रैयत क्रांति संगठन ने किसानों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। संगठन के राज्य प्रवक्ता भानुदास शिंदे ने घोषणा की कि 16 अगस्त से दौंड तालुका के कानगांव में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

दौंड में आयोजित पत्रकार परिषद में शिंदे ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद से किसानों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। पिछले 12 वर्षों में किसान पूरी तरह आक्रोशित हो चुके हैं। 'अच्छे दिन' का सपना दिखाकर सरकारी खजाने की लूट की गई है।

शिंदे ने बताया कि किसानों और आम जनता से जुड़े कुल आठ प्रमुख मांगों को लेकर यह अनशन किया जाएगा। मांगों में सबसे अहम कृषि पंपों से जुड़े मुद्दे, बिजली की समस्या, कर्ज माफी और फसल बीमा शामिल हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया, "जब तक हमारी आठों मांगें पूरी नहीं होती हैं, खासकर कृषि पंप से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।"

कानगांव क्षेत्र में स्थित कंपनियों को लेकर भी संगठन ने नाराजगी जताई। शिंदे ने कहा कि इन उद्योगों से भारी प्रदूषण हो रहा है। धूल और प्रदूषित पानी की वजह से खेती बर्बाद हो रही है। इससे किसानों के सामने उपासमारी की स्थिति पैदा हो गई है। इसके अलावा स्थानीय भूमिपुत्रों को इन कंपनियों में रोजगार नहीं मिल रहा है। साथ ही भारी वाहनों के आवागमन से गांव की सड़कों की हालत भी खराब हो गई है।

संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुद्दे को पहले सदाभाऊ खोत ने विधानसभा में उठाया था। उस समय राज्य सरकार ने क्षेत्र में नियंत्रण के लिए स्थानीय समिति बनाने की बात स्वीकारी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

शिंदे ने कहा, "इन सभी समस्याओं का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। अगर सरकार किसानों की बात नहीं सुनेगी तो हमें आंदोलन तेज करना पड़ेगा। अनशन के दौरान अगर सरकार ने बातचीत के लिए पहल नहीं की तो संगठन पूरे राज्य में आंदोलन का विस्तार करेगा।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम