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वित्त और नियोजन विभाग को लेकर अड़ी एनसीपी, अनिल पाटिल बोले- ये दावा नहीं हक

 

जलगांव, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में बजट सत्र से पहले महायुति सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। देवगिरी बंगले पर हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मुलाकात के बाद वित्त और नियोजन विभाग को लेकर एनसीपी की ओर से एक बार फिर अपना दावा दोहराया गया है।

इस मुद्दे पर एनसीपी विधायक और पूर्व मंत्री अनिल पाटिल ने आईएएनएस से बातचीत में अपनी बात रखी।

अनिल पाटिल ने कहा कि यह कोई नया दावा नहीं है, बल्कि पार्टी का हक है। उन्होंने कहा कि 2024 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद जब मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा हुआ था, तब वित्त और नियोजन दोनों विभाग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हिस्से में आए थे। इसलिए यह विभाग आगे भी पार्टी के पास ही रहना चाहिए।

कोर कमेटी की बैठक को लेकर अनिल पाटिल ने कहा, "आज कोर कमेटी की बैठक हुई है और यह एक नियमित प्रक्रिया है। हर पार्टी की तरह हमारी पार्टी की भी आठ दिन, पंद्रह दिन या एक महीने में कोर कमेटी की बैठक होती रहती है।"

उन्होंने कहा कि उन्हें कोर कमेटी में हुई चर्चा की विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार संवाद होता रहता है। चुनाव से पहले जो फॉर्मूला तय हुआ था और जिसके आधार पर विभागों का बंटवारा किया गया था, उस फॉर्मूले के तहत वित्त विभाग एनसीपी के पास था।

पाटिल ने कहा, "राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को वित्त विभाग और नियोजन विभाग मिला था। अब मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पोर्टफोलियो दोबारा एनसीपी को मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर वरिष्ठ नेताओं ने जहां-जहां जरूरी था, वहां चर्चा की होगी। मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है कि चर्चा हुई है या नहीं, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह मांग पहले से ही है और एनसीपी को यह विभाग मिलना चाहिए। इसी सिलसिले में आज मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई है।"

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। विधान परिषद चुनाव, जिला सहकारी बैंकों के चुनाव और आने वाले दिनों में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति के स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम