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विशाखापत्तनम में ब्रिक्स के युवा कार्य मंत्रियों की बैठक, विकास कार्यों में युवाओं के सहयोग और भागीदारी को मजबूत करने पर जोर

 

नई दिल्‍ली, 22 अगस्‍त (आईएएनएस)। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग द्वारा आयोजित ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक शनिवार को विशाखापत्तनम में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। उनके साथ युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे और युवा कार्यक्रम विभाग के सचिव सुनील पालीवाल भी उपस्थित थे।

मंत्रियों की बैठक में हुई चर्चाएं ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक के परिणामों पर आधारित थीं। इन आयोजनों में प्राप्त हुई सिफारिशों और विचारों से युवा कार्य मंत्रियों की चर्चा के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार हुआ।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमने 2047 के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। प्रधानमंत्री ने इस विजन को साकार करने की दिशा में देश का नेतृत्व करने के लिए बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले 1,00,000 युवा नेता तैयार करने का आह्वान किया है।"

मांडविया ने कहा, "इसलिए, हमने इसी भावना के साथ कई पहल शुरू की हैं। हमने स्वयंसेवा, सीखने, नेतृत्व और नागरिक भागीदारी के लिए ‘माय भारत’ नाम का एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म बनाया है। इस समय 25 मिलियन से अधिक युवा इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं और इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं।"

इन कार्यक्रमों में ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के युवा प्रतिनिधि, युवा नेता, नीति-निर्माता और वरिष्ठ अधिकारी एक जुट हुए। इससे युवाओं के आवश्यक मुद्दों पर बातचीत करने, अनुभव साझा करने और मिलकर काम करने के लिए मंच उपलब्ध हुआ।

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री ने बेहतर भविष्य बनाने के लिए युवाओं के साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट रहा है कि युवाओं को केवल लाभ पाने वाले के तौर पर नहीं, बल्कि हमारे साझा भविष्य को बनाने में सक्रिय साझेदार के रूप में देखा जाना चाहिए। हम युवाओं की भागीदारी से आगे बढ़कर युवाओं के साथ साझेदारी की ओर बढ़ें, विचार-विमर्श से आगे बढ़कर मिलकर कुछ नया बनाने की ओर, युवाओं के लिए कार्यक्रम बनाने से आगे बढ़कर युवाओं के साथ मिलकर मंच तैयार करने की ओर बढ़े। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा ब्रिक्स बनाएं, जहां युवा केवल भविष्य की तैयारी न कर रहे हों, बल्कि उसे सक्रिय रूप से आकार दे रहे हों।"

ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक के अवसर पर ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' नामक एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें प्रत्येक प्रतिनिधि ने अपनी-अपनी माताओं के सम्मान में एक पौधा लगाया। इस भाव को व्यापक रूप से सराहा गया और इसे कृतज्ञता की एक प्रतीकात्मक और हार्दिक अभिव्यक्ति माना गया।

प्रतिनिधियों ने विशाखापत्तनम के आस-पास के महत्वपूर्ण धरोहर स्थलों में से एक, ऐतिहासिक तोतलाकोंडा बौद्ध मठ का भी दौरा किया। इस दौरे से प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत और शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की पुरानी परंपराओं के बारे में विशेष जानकारी मिली। मेहमानों ने इसे बहुत पसंद किया। इसने पूरे कार्यक्रम में एक समृद्ध सांस्कृतिक पहलू जोड़ा और ब्रिक्स देशों के युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ के रिश्तों को और मजबूत किया।

19 और 20 अगस्त, 2026 को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक के बाद, ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक युवाओं से जुड़ी गतिविधियों का समापन कार्यक्रम थी। इस बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देशों के युवा कार्य के लिए उत्तरदायी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के बीच सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की, नीतिगत दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान किया और टिकाऊ व समावेशी विकास में युवाओं की भूमिका को और बढ़ाने की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक का एक मुख्य परिणाम संयुक्त वक्तव्य को अपनाना था। यह वक्तव्य युवाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने और विकास प्रक्रियाओं में युवाओं की सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संयुक्त वक्तव्य में शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल, युवा उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सामाजिक और सांस्कृतिक भागीदारी, समाज सेवा और स्वयंसेवा,विकास, गरीबी, भुखमरी और असमानताओं से निपटना,स्वास्थ्य, युवा और खेल, युवा, पर्यावरण और स्थिरता, अंतर-धार्मिक युवा संवाद,युवा आदान-प्रदान और इनमें युवाओं को शामिल करने के महत्व के बारे में बताया गया है।

मंत्रियों की बैठक में चर्चा के मुख्य विषयों में से एक था युवाओं के लिए ऐसा माहौल बनाना जिससे वे अपनी क्षमताएं विकसित कर सकें, निर्णय लेने की प्रक्रिया में सार्थक रूप से शामिल हो सकें और युवाओं से जुड़े मौजूदा मुद्दों का समाधान करने में योगदान दे सकें। उन्होंने युवाओं के नेतृत्व वाली पहलों को मजबूत करने, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा साझा हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श के जरिए युवाओं के बीच सीमा-पार सहयोग के अवसर बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया।

ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक का सफल समापन और ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों के संयुक्त वक्तव्य को अपनाना, ब्रिक्स देशों के बीच युवा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ब्रिक्स युवा कार्यक्रमों से साझेदारियों सुदृढ़ हुई हैं, आपसी समझ बढ़ी है और ब्रिक्स के युवाओं और संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग के मार्ग खुले हैं।

भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत, युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों का उदे्श्य युवाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना रहा है। इसमें बेहतर तौर-तरीकों के आदान-प्रदान, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और मिलकर काम करने पर जोर दिया गया है। यह सब भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की मुख्य थीम – "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के अनुरूप है।

भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स युवा गतिविधियों के कैलेंडर के तहत ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन, ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक और ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसी क्रम में 22 अगस्त को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

जैसे-जैसे भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रही है, इन वार्ताओं के परिणाम निरंतर सहयोग के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं और एक अधिक लचीला, नवाचार, समावेशी और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में युवाओं की क्षमता का उपयोग करने के लिए ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक के अवसर पर मनसुख मांडविया ने दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। चर्चाओं में युवा कार्यक्रम और खेल के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया गया, जिसमें कौशल विकास, युवा उद्यमिता और युवा सहभागिता के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।

सभी पक्षों ने युवा और खेल के क्षेत्रों में भारत और संबंधित देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रम, क्षमता-निर्माण की पहल और संस्थागत ढांचे के जरिए घनिष्ठ सहयोग के तरीकों पर विचार–विमर्श किया।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी