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Visa दिक्कतों ने तोड़ा भारतीय उद्यमी का सपना, कंपनी बेचकर देश छोड़ने को हुए मजबूर

 

विदेश में अपने सपनों को साकार करने निकले एक भारतीय उद्यमी की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एक वायरल पोस्ट में इस उद्यमी ने खुलासा किया कि कैसे वीजा से जुड़ी जटिलताओं ने उनका सालों का सपना तोड़ दिया और आखिरकार उन्हें अपनी ही बनाई कंपनी बेचकर देश छोड़ने का कठिन फैसला लेना पड़ा।

उद्यमी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पूरी मेहनत और लगन के साथ विदेश में अपनी स्टार्टअप कंपनी खड़ी की थी। बिज़नेस धीरे-धीरे बढ़ रहा था, टीम मजबूत हो रही थी और भविष्य को लेकर उम्मीदें भी ऊंची थीं। लेकिन इसी बीच वीजा से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं ने उनकी राह में बड़ी बाधा खड़ी कर दी।

उनका कहना है कि बार-बार वीजा रिन्यूअल, अप्रूवल में देरी और अनिश्चित नीतियों ने उनके कामकाज को प्रभावित किया। एक उद्यमी के तौर पर उन्हें कंपनी पर फोकस करना चाहिए था, लेकिन वे लगातार इमिग्रेशन नियमों और कागजी प्रक्रियाओं से जूझते रहे। आखिरकार स्थिति ऐसी हो गई कि उन्हें अपनी ही कंपनी बेचने और उस देश को छोड़ने का फैसला करना पड़ा, जहां उन्होंने अपने सपनों की नींव रखी थी।

सोशल मीडिया पर उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने कमेंट कर कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उन हजारों प्रवासी उद्यमियों की हकीकत है, जो वीजा और इमिग्रेशन नियमों के बीच फंस जाते हैं। कुछ यूजर्स ने इसे “टैलेंट लॉस” बताया, तो कुछ ने इसे सिस्टम की कमी करार दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्पष्ट और स्थिर वीजा नीतियां बेहद जरूरी हैं। जब कोई उद्यमी किसी देश में निवेश, रोजगार और नवाचार लेकर आता है, तो उसे नीतिगत स्थिरता की उम्मीद होती है। बार-बार नियमों में बदलाव या अनिश्चितता से न केवल व्यक्ति बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।

इस वायरल पोस्ट में उद्यमी ने अपना दर्द साझा करते हुए लिखा कि कंपनी बेचना उनके लिए केवल एक बिज़नेस निर्णय नहीं था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद कठिन कदम था। उन्होंने अपनी टीम, ग्राहकों और उस देश के प्रति आभार भी जताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अनिश्चित वीजा स्थिति के साथ भविष्य की योजना बनाना संभव नहीं था।

यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि क्या वैश्विक प्रतिभाओं के लिए मौजूदा इमिग्रेशन सिस्टम पर्याप्त रूप से लचीला और सहयोगी है? कई लोग मानते हैं कि यदि वीजा प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी हों, तो इससे नवाचार और उद्यमिता को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।

कुल मिलाकर, यह वायरल कहानी केवल एक उद्यमी की व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर इमिग्रेशन नीतियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। यह घटना बताती है कि सपनों को साकार करने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि नीतिगत सहयोग भी उतना ही जरूरी होता है।