विरोध प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को कुचलना चाहती है हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी
रांची, 24 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को हेमंत सरकार पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार और संबंधित मजिस्ट्रेटों को चेतावनी दी कि 21 अगस्त को छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो 25 अगस्त से भाजपा संबंधित मजिस्ट्रेटों का घेराव करेगी।
बाबूलाल मरांडी छात्रा प्रतिमा कुमारी के साथ बदसलूकी के मामले में उनके साथ कोतवाली थाना पहुंचे। छात्रा ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। थाने से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में मरांडी ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को छात्रों के पूर्व निर्धारित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और गढ़वा सहित कई जिलों में झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह झामुमो नेता और जिला अध्यक्ष लाठी-डंडे लेकर छात्रों की पिटाई करते देखे गए। उन्होंने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम के लिए हर जगह मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। इसके बावजूद कथित रूप से हमला करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं की गई और शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों के घर जाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रही है। मरांडी ने कहा कि सरकार और मजिस्ट्रेटों के पास अभी भी कार्रवाई करने का समय है। उन्होंने कहा कि यदि कथित हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो 25 अगस्त से भाजपा संबंधित मजिस्ट्रेटों का घेराव करेगी और उनसे जवाब मांगेगी कि लाठी-डंडे लेकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह पूर्व घोषित कार्यक्रम था और प्रदर्शनकारी किसी सरकारी काम में बाधा नहीं डाल रहे थे। ऐसे में गैर-जमानती धाराओं में मामले दर्ज किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की नियुक्ति संबंधी मांगों को लेकर उन्हें गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई नियुक्तियां रद्द कीं और परीक्षाएं स्थगित कीं, जिसके बाद छात्रों को लगा कि उनकी मांगें सुनी जा रही हैं। लेकिन बाद में अदालत की कार्रवाई के कारण सरकार के फैसले पर सवाल खड़े हुए।
उन्होंने कहा कि पुतला दहन छात्रों के इसी आक्रोश की प्रतिक्रिया थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए झामुमो कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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