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ग्रेटर नोएडा में कुत्तों पर कार्रवाई का VIDEO वायरल, पकड़ने का तरीका देख बौखलाए यूजर्स 

 

ग्रेटर नोएडा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का विषय बन गया है। फुटेज में कुछ लोग आवारा कुत्तों को पकड़ने और ले जाने के लिए जाल का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं; वीडियो में कुत्तों की दर्दभरी आवाज़ सुनकर कई लोग भावुक हो गए हैं। वहीं, कुछ लोग इसे एक ज़रूरी कदम मानते हैं। यह मामला अब सिर्फ़ वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जानवरों की भलाई और लोगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की एक बड़ी बहस में बदल गया है।

Disturbing scenes from #GreaterNoida.

Community dogs can be heard crying as they are caught with nets and taken away, reportedly over RWA grievances using the "aggressive dog" clause.

A worrying pattern has emerged in several Noida society chats—first provoking, hitting,… pic.twitter.com/onoih7fsn2

— Voiceforthevoiceless (@pawsunmute) June 11, 2026


**घटना कैसे हुई**

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की शिकायत के बाद की गई। शिकायत में कुछ कुत्तों को 'आक्रामक' बताया गया था, जिसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए एक टीम भेजी गई। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि टीम कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल का इस्तेमाल कर रही है और उन्हें गाड़ी में चढ़ा रही है।

**'आक्रामक' बताने पर सवाल**

इस घटना से एक अहम सवाल यह उठता है कि इन कुत्तों को 'आक्रामक' क्यों करार दिया गया। जानवरों से प्यार करने वालों का तर्क है कि अक्सर कुत्तों को पहले उकसाया या पीटा जाता है, और बाद में उन्हें 'खतरनाक' बताकर हटाने का फ़ैसला किया जाता है। उनका कहना है कि सिर्फ़ एक शिकायत के आधार पर किसी जानवर को आक्रामक मानना ​​गलत है।

**मानवीय तरीकों की मांग**

जानवरों की भलाई के लिए काम करने वालों का मानना ​​है कि अगर कुत्तों को पकड़ना ज़रूरी भी हो, तो यह प्रक्रिया मानवीय होनी चाहिए। वे नसबंदी और टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों के महत्व पर ज़ोर देते हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहते हैं कि पूरी प्रक्रिया के दौरान जानवरों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आना चाहिए।

**दूसरे लोगों का क्या कहना है**

वहीं, कुछ लोग इस कार्रवाई का समर्थन भी कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अगर कुत्ते सच में आक्रामक हैं, तो लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है। कुछ यूज़र्स ने कमेंट किया है कि जाल का इस्तेमाल एक कानूनी तरीका है और इस प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं है।