सोशल मीडिया पर वायरल, बुजुर्ग महिला के साथ भद्दा प्रैंक, इंटरनेट यूज़र्स का गुस्सा सातवें आसमान पर
आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए ‘प्रैंक’ वीडियो (Prank Video) का चलन तेजी से बढ़ गया है। युवा और सोशल मीडिया क्रिएटर्स अपने वीडियो को लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स बटोरने के लिए तरह-तरह के प्रैंक करते रहते हैं। इन वीडियो का मनोरंजन की दृष्टि से कई बार सकारात्मक असर होता है, लेकिन कभी-कभी प्रैंक की सीमा पार कर देता है और यह नैतिक और सामाजिक हदों को तोड़ने लगता है।
इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को झकझोर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक प्रैंकबाज ने बुजुर्ग महिला के साथ ऐसा भद्दा मज़ाक किया, जिसे देखकर लोग गुस्से में आगबबूला हो गए। वीडियो में महिला का डर और असहजता साफ़ दिखाई दे रही है, और यह प्रैंक देखकर लोगों ने इसे बिल्कुल अनुचित और शर्मनाक बताया।
सोशल मीडिया यूज़र्स ने वीडियो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बुजुर्गों के साथ ऐसे प्रैंक करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। कई लोग लिख रहे हैं, "कुछ तो शर्म करो," और "इसकी हिम्मत कैसे हुई बुजुर्ग महिला के साथ ऐसा करने की?"। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रैंक वीडियो मनोरंजन का माध्यम हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दूसरों की भावनाओं और गरिमा का हनन किया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस वीडियो के वायरल होने के साथ ही कई लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं कि डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। प्रैंक के नाम पर किसी के साथ भद्दा मज़ाक करना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि यह शोषण और मानसिक असुरक्षा का रूप भी ले सकता है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बुजुर्गों या कमजोर वर्ग के लोगों के साथ ऐसे प्रैंक न केवल उनके आत्म-सम्मान को चोट पहुँचाते हैं, बल्कि समाज में नकारात्मक संदेश भी फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि कंटेंट बनाने वाले युवा अक्सर अपनी लोकप्रियता और वायरल होने की चाह में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर देते हैं।
वायरल वीडियो के बाद कई लोग इस प्रैंकबाज के खिलाफ कड़ी आलोचना कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर अन्य यूज़र्स से अपील कर रहे हैं कि वे ऐसी अनुचित सामग्री को रिपोर्ट करें। कुछ लोगों ने तो इसे चेतावनी भी बताया कि इंटरनेट पर प्रसिद्धि पाने के लिए दूसरों की हानि करना कोई खेल नहीं है।
सोशल मीडिया पर इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मनोरंजन की सीमाओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। प्रैंक वीडियो का उद्देश्य लोगों को हंसाना और खुश करना होना चाहिए, न कि दूसरों की भावनाओं और गरिमा को ठेस पहुँचाना।
यह वायरल वीडियो दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में अक्सर लोग नैतिक और सामाजिक सीमाओं की अनदेखी कर देते हैं। इंटरनेट की जनता का गुस्सा इस बात का प्रतीक है कि समाज इस तरह की हद पार करने वाली सामग्री को स्वीकार नहीं करता।