वायरल हो रही नीट-यूजी 2026 की ओएमआर शीट्स को एनटीए ने किया खारिज
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 की ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज किया है। एनटीए ने कहा है कि जिन ओएमआर शीटों को कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर-पत्रिका बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वे एनटीए द्वारा जारी दस्तावेज नहीं हैं।
एनटीए के अनुसार ये डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज हैं। एनटीए ने कहा है कि उसके संज्ञान में यह मामला आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों की कथित ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं की तस्वीरें साझा कर यह दावा किया जा रहा है कि उनके घोषित परिणाम गलत हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों की जांच की गई है। हर मामले में रिकॉर्ड पर उपलब्ध वास्तविक दस्तावेज घोषित परिणामों का समर्थन करते हैं।
एनटीए के अनुसार, संबंधित प्रत्येक अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका उसके पास सुरक्षित रिकॉर्ड में मौजूद है। इस ओएमआर पर सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, उत्तर-पत्रिका का बारकोड और क्रम संख्या, टेस्ट बुकलेट कोड, अभ्यर्थी का नाम और अभिभावक का विवरण अभ्यर्थी की अपनी लिखावट में दर्ज है। इसके अलावा अभ्यर्थी, परीक्षा कक्ष के दोनों निरीक्षकों के हस्ताक्षर और अभ्यर्थी का अंगूठे का निशान भी उस पर मौजूद है।
एजेंसी ने बताया कि यही वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका ओएमआर रिस्पॉन्स की-चैलेंज अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर भेजी गई थी। उम्मीदवारों को पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई थी। एनटीए ने कहा कि संबंधित अभ्यर्थियों को दिए गए अंक उनकी वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका, नीट-यूजी 2026 की आधिकारिक उत्तर-कुंजी तथा रिकॉर्ड पर उपलब्ध मूल्यांकन गणना-पत्रक के अनुरूप हैं। किसी भी मामले में मूल्यांकन संबंधी त्रुटि नहीं पाई गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तथाकथित ओएमआर वास्तव में अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं के साथ डिजिटल छेड़छाड़ करके तैयार किए गए संस्करण हैं। एनटीए के अनुसार, जांचे गए मामलों में अतिरिक्त उत्तर चिह्न जोड़ने, नामों में बदलाव करने तथा निरीक्षक के प्रमाणित हस्ताक्षर के समय में फेरबदल जैसी गड़बड़ियां पाई गई हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि किसी फर्जी, डिजिटल रूप से परिवर्तित या जाली ओएमआर उत्तर-पत्रिका का निर्माण, प्रस्तुतिकरण या प्रसार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत संज्ञेय अपराध है।
इसके अलावा ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि किसी को वास्तविक शिकायत है तो वह 20 जुलाई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करे। यह सार्वजनिक सूचना एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। एनटीए के परीक्षा निदेशक ने कहा कि अभ्यर्थी और अभिभावक सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित सामग्री से भ्रमित न हों और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
एनटीए ने अवनीश श्रीवास्तव की नीट-यूजी 2026 ओएमआर उत्तर-पत्रिका को लेकर किए जा रहे दावों पर स्पष्टीकरण भी दिया है। एनटीए ने कहा है कि उसने इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड का सत्यापन कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित है। यह ओएमआर रिस्पॉन्स की-चैलेंज अवधि के दौरान अभ्यर्थी के पंजीकृत ई-मेल पते पर भी भेजी गई थी। इस वास्तविक ओएमआर पर अभ्यर्थी का सही नाम अवनीश श्रीवास्तव, पिता का नाम मुकेश कुमार, माता का नाम रेखा कुमारी, अभ्यर्थी के हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान तथा परीक्षा कक्ष के निरीक्षकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
एनटीए ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही तस्वीर एनटीए द्वारा जारी की गई ओएमआर उत्तर-पत्रिका नहीं है। एजेंसी के अनुसार, उस तस्वीर में जिस पहचान को दर्शाया गया है, उसमें अजीत सिंह, पिता लखन सिंह तथा माता रीना सिंह का उल्लेख किया गया है। यह विवरण नीट-यूजी 2026 के किसी भी पंजीकृत अभ्यर्थी से मेल नहीं खाता। एनटीए ने कहा कि नीट-यूजी 2026 के डेटाबेस में इस नाम और अभिभावकों के विवरण वाला कोई भी अभ्यर्थी दर्ज नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित दस्तावेज को आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं माना जा सकता।
एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक रिकॉर्ड और एजेंसी द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा भ्रामक और अप्रमाणित सामग्री के प्रसार से बचें। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि अवनीश श्रीवास्तव के मामले की तरह ही नीट-यूजी 2026 की ओएमआर उत्तर-पत्रिका और परिणाम को लेकर किए गए दावों पर अभ्यर्थी प्रतिभा त्रिवेदी, अभय यादव तथा लक्ष्य सिंह के मामलों की भी जांच की गई है।
एजेंसी के अनुसार, इन सभी अभ्यर्थियों की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिकाएं उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित हैं और ओएमआर रिस्पॉन्स की-चैलेंज अवधि के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर उपलब्ध कराई गई थीं। एनटीए का कहना है कि घोषित परिणाम वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं, आधिकारिक उत्तर-कुंजी और मूल्यांकन रिकॉर्ड के अनुरूप हैं तथा किसी प्रकार की मूल्यांकन त्रुटि नहीं पाई गई है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस