विपक्ष में बैठने की तैयारी करें ममता बनर्जी : ज्योतिर्मय सिंह महतो
पुरुलिया, 20 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद शुक्रवार को टीएमसी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने टीएमसी के घोषणा पत्र पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अब सत्ता की नहीं, विपक्ष में बैठने की तैयारी करनी चाहिए।
टीएमसी के घोषणा पत्र पर भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा पत्र नहीं बना सकतीं। लेकिन, पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार में सब कुछ संभव है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को समझना चाहिए कि चुनाव परिणाम के बाद उन्हें विपक्षी खेमे में बैठना है। जनता 15 साल इनके धोखे में रही है, अब जनता टीएमसी सरकार को आगे बर्दाश्त नहीं कर सकती है।
उन्होंने कहा कि बंगाल की सभी 294 सीटों पर हम चुनाव लड़ रहे हैं। हमारे उम्मीदवार पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में हैं और अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से जनसंवाद कर रहे हैं। पुरुलिया में आने वाली विधानसभा सीटों पर भी चुनाव मजबूती के साथ लड़ेंगे। हमें उम्मीद है कि जनता इस बार टीएमसी का सूपड़ा साफ कर एक स्वच्छ और पारदर्शी सरकार बनाने के लिए भाजपा को मौका देगी।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव हम लोग जीतने वाले हैं और प्रदेश में अगली सरकार भाजपा बनाने वाली है। भाजपा की सरकार बनाने के लिए बंगाल की जनता आशीर्वाद देने के लिए भी तैयार है। टीएमसी की सरकार ने सिर्फ बंगाल के साथ ही नहीं बल्कि पुरुलिया के साथ भी धोखा किया है। यहां की जनता टीएमसी को लेकर काफी आक्रोशित है। इस बार जनता धोखा खाने वाली नहीं है। जनता ने तय कर लिया है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी को खत्म कर देना है। जनता ने तय कर लिया है कि भाजपा के उम्मीदवारों को हर हाल में जिताना है।
बंगाल में अधिकारियों के तबादले पर ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम करता है और निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग फैसले लेता है, आयोग के किसी भी फैसले पर हमें बोलने का अधिकार नहीं है। अधिकारियों के तबादले में भाजपा का कोई रोल नहीं है।
उन्होंने एक बार अपनी बात को फिर दोहराते हुए कहा कि अब बंगाल में सरकार जानी तय है और ममता बनर्जी को विपक्ष में ही बैठना होगा। भाजपा सांसद ने कहा कि एक भ्रष्टाचारी सरकार इतने वर्षों से चल रही थी, जिसका अंत होने वाला है।
--आईएएनएस
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