विपक्ष को कूटनीति में भी राजनीति नजर आती है, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम सनातन विरोधी: आरपी सिंह
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी एससीओ कार्यक्रमों, नेपाल में बाढ़ की स्थिति, पार्टी के ‘झूठ की गूंज’ कैंपेन, महाराष्ट्र में ऑटो-कैब ड्राइवरों के लिए मराठी में डेडलाइन बढ़ाने पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
इस दौरान उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को कूटनीति में भी राजनीति नजर आती है।
आरपी सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का हिस्सा है, निरंतर भागीदारी करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी कार्यक्रम के तहत किर्गिस्तान जा रहे हैं, इस दौरान अपना पक्ष रखेंगे। इस तरह के आयोजनों से भारत का लाभ ही होता है, लेकिन विपक्ष लगातार आलोचनाएं करता है। विपक्ष को कूटनीति में भी राजनीति नजर आती है।
नेपाल त्रासदी पर भाजपा नेता ने कहा कि हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिनकी मृत्यु हो गई। भारत सरकार लगातार नेपाल के संपर्क में है। कई भारतीय बाढ़ की चपेट में आए हैं और कई श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे, वे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। उम्मीद करते हैं कि नेपाल सरकार सहयोग करेगी। भारत सरकार की तरफ से नेपाल को राहत सामग्री भेजी जा रही है।
कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "देखिए, वे 'छात्रों की गूंज' के नाम पर झूठ फैला रहे हैं। वे जानबूझकर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का इस्तेमाल सनातन और हिंदू धर्म को गलत तरीके से दिखाने के लिए कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र किया, जबकि आज देश में कोई भी मनुस्मृति की बात नहीं करता। देश के सभी नागरिक बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की बात करते हैं।"
मराठी भाषा विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि जो जिस राज्य में रहता है, उसके लिए वहां की भाषा सीखना जरूरी हो जाता है। खासकर ऑटो-कैब ड्राइवरों के लिए यह बेहद जरूरी है।
--आईएएनएस
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