☰
×

'धरना लोकतांत्रिक अधिकार, हंगामा नहीं', राहुल गांधी पर बरसे आरपी सिंह

 

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। विपक्ष के प्रदर्शन और पंजाब में ओएसडी को लेकर ईडी-सीबीआई जांच के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी एकजुटता को प्रायोजित प्रतिस्पर्धा करार दिया और कहा कि पुलिस के साथ बदसलूकी के बाद प्रदर्शन की अनुमति पर फैसला पुलिस को करना। साथ ही पीएम मोदी के 25 साल के प्रशासनिक कार्यकाल को युगपुरुष जैसा बताया।

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "राहुल गांधी और विपक्ष को प्रदर्शन और धरना देने का अधिकार है, लेकिन धरने की आड़ में अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है। मुझे लगता है कि इनका आपस में सीजेपी के साथ प्रतिस्पर्धा चल रही है। सीजेपी ने ऐलान किया है कि 10 तारीख को दिल्ली में वह प्रदर्शन करेगी, अब लगता है कि ये अगले दो-तीन दिन और प्रदर्शन करेंगे ताकि यह मुद्दा सीजेपी से छीन लिया जाए।"

उन्होंने आगे कहा कि जैसे नीट पेपर का मामला छात्रों का मामला था, उन्हें लगता था कि वह मुद्दा सीजेपी छीन ले गई। सीजेपी जो कल तक सिर्फ स्कूलों की बात करती थी, आज वह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी बात कर रही है, तो कहीं न कहीं दोनों के बीच होड़ और प्रतिस्पर्धा चल रही है।

एक अन्य मामले को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ईडी ने लगभग तीन महीने पहले पंजाब पुलिस को चिट्ठी लिखी और उसके बाद साक्ष्यों, दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट के साथ तीन रिमाइंडर भी भेजे कि भगवंत मान के कार्यालय में जो ओएसडी गुरभवन है, वह तबादलों, ट्रांसफर और पोस्टिंग में बेईमानी कर पैसा कमा रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने बताया कि वह लोगों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के एवज में पैसे लेता है और ट्रांसफर-पोस्टिंग भगवंत मान करते हैं, इसलिए उनका आपस में कहीं न कहीं हाथ मिला हुआ है। पंजाब पुलिस ने तीन महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद हारकर ईडी को कोर्ट जाना पड़ा। कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया है। अब यदि भगवंत मान को कोई शिकायत है तो वह कोर्ट से होनी चाहिए, हमसे नहीं।

पीएम मोदी के प्रशासनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने लगभग 13 साल गुजरात में और 12 साल दिल्ली में, कुल 25 साल अपने प्रशासनिक जीवन के देश और गुजरात को समर्पित किए हैं। कई सदियों में कभी-कभी ऐसे युगपुरुष होते हैं जो इस प्रकार देश की चिंता करते हैं। देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने वाले वे पहले प्रधानमंत्री हैं।

उन्होंने कहा कि यह पुलिस तय करेगी कि पिछले धरना-प्रदर्शन के दौरान जिस प्रकार पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और बदतमीजी की गई, उसके मद्देनजर उन्हें प्रदर्शन की अनुमति देनी है या नहीं।

--आईएएनएस

केके/एमएस