'विपक्ष की हार का ठीकरा ईवीएम से ईसी पर शिफ्ट', भाजपा का कांग्रेस पर तंज
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव से लेकर 'वोट चोरी' के आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया। भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर सवाल नहीं, बल्कि लगातार हार से उपजी खीझ है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने इसे संवैधानिक प्रक्रिया बताकर विपक्ष को संसद में प्रस्ताव लाने की चुनौती दी।
अशोक बाजपेयी ने कहा, "विपक्ष को आत्मचिंतन करना चाहिए कि बार-बार जनता उन्हें क्यों नकार रही है। राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनर्गल बातें की। जहां-जहां कांग्रेस जीतती है, वहां उन्हें ना तो चुनाव आयोग से कोई शिकायत होती है, ना ईवीएम से। जहां बुरी तरह से चुनाव हार जाते हैं, वहां ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते हैं। भारत का निर्वाचन आयोग अपने आप में एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिसका पूरी दुनिया में सम्मान है। जिस तरह से कांग्रेस एक के बाद एक हर चुनाव हार रही है, उससे उनके मन में खीझ है।"
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, "पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंपीचमेंट मोशन लाना चाहता है। यह निश्चित रूप से एक संवैधानिक प्रक्रिया है, और अगर विपक्ष चाहे तो वह आने वाले पार्लियामेंट सेशन में अपना प्रस्ताव ला सकता है।"
उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई देश के सबसे प्रीमियम और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में इंजीनियर निकलते हैं। वहां एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है, जो बहुत दुखद बात है। हम समझ सकते हैं कि उसके माता-पिता को कितना दुख हुआ होगा।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग का मामला आया, दो चुनाव आयुक्तों ने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ियां हो रही हैं। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए पूरी भाजपा सड़क पर उतर गई है। पहले ये फैसला हो कि क्या ईसी भाजपा का दफ्तर है या भाजपा के प्रवक्ता चुनाव आयोग के सदस्य हैं। चुनाव आयोग पर प्रश्न खड़ा करो, तो पार्टी तड़पती है। इसका ये मतलब है कि दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल काली है।
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 1995 के फैसले के अनुसार कोई छोटा-बड़ा चुनाव आयुक्त नहीं होता है। सब समान हैं और बहुमत संस्था है। दो चुनाव आयुक्तों ने वोट चोरी और सेंधमारी का प्रमाण सामने रखा। कैबिनेट सचिव भी संदेह के दायरे में हैं। लोकतंत्र का गला घोंटने वाले इंसान को तो जेल में होना चाहिए। जब प्रश्नपत्र लीक हुए तो परीक्षाएं रद्द हो गईं। अब तो प्रमाण है, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव रद्द हो जाने चाहिए।
कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा, "यह सिर्फ समीकरण नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र के साथ किया गया खिलवाड़ और गद्दारी है। इस देश की 140 करोड़ जनता को पूरी तरह ठगा गया है। एसआईआर के जरिए वोट चोरी की गई है।"
--आईएएनएस
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