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विपक्ष के सांसदों ने भाजपा पर जनता को मुद्दे से भटकाने का लगाया आरोप, कहा-सरकार लोगों को कर रही गुमराह

 

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के नेताओं ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़े प्रस्तावित विधेयक, राम मंदिर से जुड़े विवाद, नीट यूजी पेपर लीक, विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, सांसदों पर दर्ज एफआईआर और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर हुए कथित हमले जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि उनकी पार्टी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम से जुड़े विधेयक का विरोध करेगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक अभी तक चर्चा के लिए सदन के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस विधेयक के प्रति अपनी आपत्तियां पहले ही जता चुकी है और उचित समय पर इसका विरोध करेगी।

सौगत रॉय ने दिन के विधायी एजेंडे का जिक्र करते हुए बताया कि आज दो विधेयक पेश किए जाने हैं। इनमें एक इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट से संबंधित है और दूसरा बैंकरों की किताबों से जुड़े सबूतों के विषय में है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) विधेयक पर भी चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि वह इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट विधेयक का पेश किए जाने के चरण में ही विरोध करेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) विधेयक पर भी उनकी पार्टी ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं और चर्चा के दौरान उन्हें विस्तार से रखा जाएगा।

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले को लेकर भी सौगत रॉय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह दिल्ली पुलिस की विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार विपक्ष के एक प्रमुख सांसद पर इस तरह का हमला नहीं होना चाहिए था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।

विपक्ष के एजेंडे पर बोलते हुए सौगत रॉय ने कहा कि नेट यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर पहले चर्चा हो चुकी है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर भी संसद में चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर अभी तक चर्चा नहीं हुई है और विपक्ष इसे लगातार उठाता रहेगा। विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक सुबह 10 बजे निर्धारित है, जिसमें आगे की रणनीति और सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर फैसला किया जाएगा।

राहुल गांधी पर बॉक्सर विजेंदर सिंह की टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर सौगत रॉय ने कहा कि राहुल गांधी कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हैं और संभव है कि किसी कारणवश उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी न की हो। उन्होंने साथ ही वर्ल्ड गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों, विशेषकर महिला मुक्केबाजों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनकी उपलब्धियों को देश के लिए गर्व का विषय बताया।

सांसदों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बारे में पूछे जाने पर सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि यह सत्ताधारी दल की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। उनका कहना था कि जो भी सरकार का विरोध करता है, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाती है लेकिन इससे विपक्ष की आवाज दबने वाली नहीं है।

उधर समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी संसद में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि समाधान खोजने की इच्छा हो तो हर समस्या का समाधान संभव है। उनके अनुसार राम मंदिर का विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और इसका प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भगवान श्रीराम के भक्तों और हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों ने मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण तक धन, गहने, सोना और चांदी का दान देकर समर्थन किया था, इसलिए उनकी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

पप्पू यादव पर हुए कथित हमले को लेकर भी राम गोपाल यादव ने इसे गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े विवादों का संतों से कोई संबंध नहीं है और किसी भी प्रकार की हिंसक या अनुचित घटना स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने दोहराया कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।

राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म के कथित अपमान के मामले में दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए रामगोपाल यादव ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार रचनात्मक कार्यों में विफल रहने के कारण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नैरेटिव बनाने का प्रयास करती है। उनके अनुसार तथ्यों को तोड़-मरोड़कर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।

संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए नुक्कड़ नाटक पर भी रामगोपाल यादव ने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना से संतों का कोई संबंध नहीं था, इसलिए उस रूप में विरोध प्रदर्शन उचित नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा गंभीर है और समाजवादी पार्टी इसे संसद के भीतर जोरदार तरीके से उठाएगी।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम