विपक्ष सीईसी ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछ रहा है तो भाजपा क्यों कर रही वकालत : रंजीत रंजन
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने वोट चोरी और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा हमें चुनाव आयोग पर पहले भी गर्व था और आगे भी रहेगा, लेकिन वहां बैठे कुछ लोगों ने बेईमानी की है जो भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। अब जब विपक्ष जवाब मांग रही है तो भाजपा ज्ञानेश कुमार की तरफ से बोल रही है।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हम लोग अभी से नहीं, लगभग दो साल से राहुल गांधी के नेतृत्व में यह बात उठा रहे हैं। कांग्रेस और पूरा विपक्ष लगातार प्रेजेंटेशन के जरिए यह बता रहा है कि वोट की चोरी हो रही है, वोट में बेईमानी हो रही है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एजेंसी है, जिस पर हमें हमेशा गर्व रहा है, लेकिन आज वहां बैठा हुआ व्यक्ति, जो चीफ इलेक्शन कमिश्नर है, वह सरकार से मिलकर बेईमानी कर रहा है।"
रंजीत रंजन ने कहा कि इसका सबसे बड़ा सबूत सुप्रीम कोर्ट से ही आया है। सुप्रीम कोर्ट के जज को खुद कहना पड़ रहा है कि फॉर्म 6 में जो अप्रूवल की बात कही जा रही है, वह उनसे ली ही नहीं गई, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। इतनी सारी अपीलें सामने आ रही हैं, इससे बड़ा सबूत और क्या चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कठपुतली बताया जो भाजपा के इशारे पर काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि विपक्ष चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगे और चुनाव आयोग मिलने से इनकार कर दे। ऐसा कभी नहीं हुआ कि चुनाव आयोग की कार्यवाही पर शंका जताई जाए और वह जवाब न दे। हम आरोप लगा रहे हैं कि आप सरकार से मिले हुए हैं और आपकी गलतियों को हम उजागर कर रहे हैं।
रंजीत रंजन ने भाजपा नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सवाल चुनाव आयोग से पूछा जाता है तो भाजपा के नेता चुनाव आयोग का पक्ष रख रहे हैं। क्या ऐसा पहले कभी हुआ है? क्या चुनाव आयोग खुद अपना पक्ष नहीं रख सकता? क्या वह खुद सामने आकर विपक्ष से नहीं मिल सकता?"
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सरकार के कहने पर गलतियां की हैं। इसके पीछे सरकार का छुपा हुआ प्लान है कि जबरदस्ती वोटर का वोट छीनकर सत्ता में बने रहना है। अगर चुनाव आयोग सच्चा है तो ज्ञानेश कुमार को सामने आना चाहिए था। सरकार क्यों आगे आ रही है? ज्ञानेश कुमार को छिपा कर क्यों रखा गया है?
उन्होंने कहा कि हमें चुनाव आयोग पर पहले भी गर्व था और आगे भी रहेगा, लेकिन वहां बैठे कुछ लोगों ने बेईमानी की है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एजेंसी है, जिस पर हमेशा वोटर को विश्वास रहा है, उस पर अगर इस तरह के आरोप लग रहे हैं तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
रंजीत रंजन ने कहा कि विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहला, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा। दूसरा, एसआईआर को रद्द करना पड़ेगा और तीसरा, चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। इन्हीं तीन मांगों को लेकर विपक्ष सामने जाना चाहता था, लेकिन सरकार ने ज्ञानेश कुमार को छिपा दिया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर भी रंजीत रंजन तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी विपक्षी पार्टियां और कांग्रेस ड्रामा कर रही है।
उन्होंने कहा, "जनाधार बढ़ाना, राजनीतिक बात करना, पक्ष-विपक्ष की बात होना, उसमें किरेन रिजिजू सामने आएं, यह समझ आता है। लेकिन हम सवाल ज्ञानेश कुमार से कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग में गड़बड़ियां हुई हैं। हम उनसे सवाल पूछना चाह रहे हैं। अगर आपके पास सबूत है कि आपने बेईमानी नहीं की है तो सामने आइए। क्या ज्ञानेश कुमार की तरफ से जवाब देने के लिए आपने किरेन रिजिजू को अपॉइंट किया है? ज्ञानेश कुमार खुद सामने क्यों नहीं आ रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट तक को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। हम तो चुनाव आयोग को खोज रहे हैं, उसे कहां छिपा कर रखा है। अगर वह छिपा हुआ है तो जो विपक्ष कह रहा है, जो राहुल गांधी जी कह रहे हैं, वह बिल्कुल सच है कि आपने चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बना दिया है।"
--आईएएनएस
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