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'विकसित भारत यंग लीडर्स' के समापन सत्र में पीएम मोदी ने कहा, 'युवाओं का सामर्थ्य, भारत का सामर्थ्य बनेगा'

 

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को महत्वपूर्ण बताया।

पीएम मोदी ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "साल 2047 में जब हमारी आजादी के 100 साल होंगे, वहां तक की यात्रा भारत के लिए अहम है और यही वो समय है, जो आपके जीवन में भी सबसे महत्वपूर्ण है। आपका सामर्थ्य भारत का सामर्थ्य बनेगा, आपकी सफलता भारत की सफलता को नई ऊंचाइयां जरूर देगी। मैं आप सभी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में सहभागिता के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।"

पीएम मोदी ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा, "हर साल 12 जनवरी को, हम स्वामी विवेकानंद के सम्मान में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं, जिनका जीवन और शिक्षाएं हमें प्रेरित करती रहती हैं। उनसे प्रेरणा लेकर, विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की स्थापना की गई। बहुत कम समय में, यह एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जहां युवा देश की दिशा तय करने में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।"

उन्होंने कहा, "स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी हर युवा के लिए प्रेरणा हैं। हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है, कैसे हम नेशन फर्स्ट की भावना से जीवन जिएं, और हमारे हर प्रयास में समाज का और देश का हित हो? इस दिशा में स्वामी विवेकानंद जी का जीवन हम सबके लिए बहुत बड़ा मार्गदर्शक और प्रेरक है।"

उन्होंने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की तारीफ करते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि बहुत कम समय में यह इतना बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म, जहां देश की विकास की दिशा तय करने में युवाओं की सीधी भागीदारी होती है। करोड़ों नौजवानों का इससे जुड़ना, देश के विकास के लिए अपने विचार शेयर करना, ये अपने आप में अभूतपूर्व है।"

उन्होंने भारत की स्टार्टअप यात्रा पर कहा, "स्टार्टअप कल्चर दुनिया भर में लगभग 50-60 साल पहले शुरू हुआ और समय के साथ, यह बड़ी कंपनियों के दबदबे वाले दौर में बदल गया। हालांकि, इस पूरे समय में, भारत में स्टार्टअप के कॉन्सेप्ट पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। 2014 तक, देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे। स्टार्टअप कल्चर की कमी के कारण, सरकारी दखल बहुत ज्यादा था, जिससे युवाओं को अपनी काबिलियत दिखाने के बहुत कम मौके मिलते थे। हमारे युवाओं की प्रतिभा को पहचानते हुए, हमने एक नया तरीका अपनाया। युवाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान देते हुए, सरकार ने नई योजनाएं शुरू कीं, जिससे भारत में स्टार्टअप क्रांति को तेजी मिली।"

उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के स्टार्टअप की तारीफ करते हुए कहा, "लगभग पांच या छह साल पहले, भारत में स्पेस सेक्टर को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ इसरो की थी। लेकिन, हमने स्पेस सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया, और आज इस इंडस्ट्री में 300 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। खास बात यह है कि इतने कम समय में, स्काईरूट एयरोस्पेस नाम के एक स्टार्टअप ने अपना खुद का रॉकेट, विक्रम एस, बनाया और लॉन्च किया।"

उन्होंने कहा, "मुझे अपने देश के युवाओं पर भरोसा है, आपके सामर्थ्य पर भरोसा है, इसलिए हमने एक अलग राह चुनी। हमने युवाओं को ध्यान में रखते हुए एक के बाद एक नई स्कीम बनाई। यहीं से स्टार्टअप क्रांति ने भारत में असली गति पकड़ी। भारत आज ऑरेंज इकोनॉमी यानी कल्चर, कॉन्टेंट और क्रिएटिविटी का अभूतपूर्व विकास होते देख रहा है। बीते दशक में बदलाव का, रिफॉर्म का जो सिलसिला हमने शुरू किया, वो अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है। इन रिफॉर्म के केंद्र में हमारी युवाशक्ति है। इसलिए देश के हर युवा को संकल्प लेकर गुलामी की मानसिकता से देश को बाहर निकालना है। जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों ने युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बना दिया है। इसके अलावा, अब 12 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स-फ्री होने से, लोगों को ज्यादा बचत का फायदा मिलेगा।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम