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'विकसित भारत' की दिशा में जाने का महामार्ग है 'आत्मनिर्भर भारत' : प्रधानमंत्री

 

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले की प्राचीर से कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' 'विकसित भारत' की दिशा में जाने का महामार्ग है। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया', स्वदेशी, 'वोकल फॉर लोकल' इन सारे क्षेत्रों में हर भारतीय का मन जुड़ रहा है।

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर का उदाहरण दिया और कहा, "देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी। हमारे यहां भी बातें होती थीं, लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लांट हम आगे नहीं बढ़ा पाए। आज की डिजिटल दुनिया और टेक्नोलॉजी में चिप का महत्व हम समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक बूथ और मेडिकल इक्विपमेंट, ट्रांसपोर्ट के रास्ते होंगे, हर किसी में चिप अनिवार्य है। इस चिप के बिना दुनिया थम जाए, ऐसी स्थिति पैदा हो चुकी है। इसलिए भारत ने 'आत्मनिर्भर' होने की दिशा में अपने तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे यह बताया गया कि इन सेमीकंडक्टर प्लांट से प्रोडक्टन एक्सपोर्ट होना शुरू हो चुका है। मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं कि आने वाले 7-8 वर्ष में, 5-7 या 8 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं। ये 'आत्मनिर्भर भारत' हमें 'विकसित भारत' की दिशा में जाने का महामार्ग दिखता है।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "एक ऐसी ही चर्चा महत्वपूर्ण खनिज की हो रही है। पूरी टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भर है। भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा हुआ है। महत्वपूर्ण खनिजों का लक्ष्य साझा किया जाए, इसके लिए 'राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज' मिशन शुरू किया। हमने महत्वपूर्ण खनिज कॉरिडोर की घोषणा की है। कई देशों के साथ समझौते हो रहे हैं। विश्व के कई देश महत्वपूर्ण खनिजों की दिशा में भारत पर भरोसा करने लगे हैं।"

पीएम मोदी ने कहा कि जैसे सेमीकंडक्टर की बात हो, महत्वपूर्ण खनिज की बात हो, वैसे ही जिस टेक्नोलॉजी की दिशा में दुनिया जा रही है, उसमें एनर्जी का महत्व और बढ़ता चला जाता है। उन्होंने कहा कि एनर्जी के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमें चिप, एआई और डाटा सेंटर के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। ऊर्जा सुरक्षा यह समय की मांग है और इसलिए पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा माध्यम परमाणु ऊर्जा है। हमने संसद में 'शांति एक्ट' पास करके एक नए लक्ष्य तक जाने का रास्ता तय कर लिया है। 2047 तक हम सौ गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसी एक दशक में हम 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/