विकास की राजनीति के कारण एनडीए और भाजपा की तरफ आ रहे हैं विपक्षी नेता: हरदीप सिंह पुरी
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भविष्य पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में विकास की राजनीति को जनता का समर्थन मिल रहा है और इसी कारण विभिन्न दलों के नेता भाजपा तथा एनडीए की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
टीएमसी में संभावित टूट और कुछ सांसदों के भाजपा नेताओं के संपर्क में होने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जनता विकास चाहती है। 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में विकास के मुद्दे पर भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में भी कई राजनीतिक कार्यकर्ता और नेता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य के विकास के लिए एनडीए के साथ जुड़ना बेहतर विकल्प हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का विकास आधारित राजनीतिक दृष्टिकोण नया नहीं है, लेकिन पूर्व में पार्टी को लंबे समय तक शासन का अवसर नहीं मिला था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मोरारजी देसाई के दौर की गठबंधन सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक नहीं चल सकीं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में विकास की गति को नई दिशा मिली है।
ईरान में रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर वहां से निकलने की सरकारी सलाह के संदर्भ में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध या संघर्ष की स्थिति बनने पर भारत सरकार की पहली प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। उन्होंने 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान चलाए गए निकासी अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय 26 से 30 हजार भारतीय विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर कई केंद्रीय मंत्रियों को विभिन्न पड़ोसी देशों में भेजा गया और सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित वापस लाया गया।
क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा तकनीक के विषय में पुरी ने कहा कि आधुनिक युद्धों में ड्रोन तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि समय रहते लिए गए नीतिगत निर्णयों के कारण भारत आज केवल आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वदेशी ड्रोन तकनीक के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, इससे देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिली है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
--आईएएनएस
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