विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई और पर्यावरण से हो रहा खिलवाड़, मुंबई का हाल खराब : सुप्रिया सुले
पुणे, 6 जुलाई (आईएएनएस)। एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में भारी बारिश, भूस्खलन, बुनियादी ढांचे की स्थिति और राम मंदिर चढ़ावा में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दौरान पर्यावरण की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं लेकिन इन परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई। विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई हो रही है और कई स्थानों पर लोगों की जान भी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले का ऑडिट कराने और राज्य की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
हाल ही में भारी बारिश के बीच भूस्खलन और अन्य घटनाओं में हुई मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए सुले ने कहा कि राज्य का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है। उनके मुताबिक पुणे और मुंबई जैसे देश के प्रमुख शहरों में इस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर का विफल होना गंभीर चिंता का विषय है। इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित हेराफेरी के आरोपों पर भी सांसद सुले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक देश के धार्मिक स्थल करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और यदि ऐसे पवित्र स्थलों पर भ्रष्टाचार हुआ है तो यह बेहद शर्मनाक है। उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
वहीं, सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभी मुंबई-पुणे और कई अन्य इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस वजह से इन शहरों के कई हिस्सों में रोजमर्रा की ज़िंदगी पर असर पड़ा है। ट्रैफ़िक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि जहां भी मुमकिन हो, वहां कर्मचारियों को 'वर्क फ़्रॉम होम' (घर से काम करने) की इजाजत दी जाए।"
उन्होंने लिखा कि इसमें पुणे का राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क और भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित अन्य इलाके भी शामिल हैं। मेरी नागरिकों से अपील है कि वे अपना ध्यान रखें। खासकर जो लोग नदियों के पास रहते हैं, उन्हें सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बिना वजह घर से बाहर न निकलें।"
--आईएएनएस
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