विजय माल्या का फिर सरकार पर हमला, वीडियो में बोले- मेरे साथ हो रहा अन्याय; ED की ₹14 हजार करोड़ रिकवरी का दिया हवाला
ब्रिटेन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है। माल्या ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है और वह ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं।विजय माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में बताया था कि उनकी संपत्तियों से बैंकों को 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वापस मिल चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी राशि की वसूली हो चुकी है तो उन्हें अब भी डिफॉल्टर और धोखाधड़ी के आरोपी के तौर पर क्यों पेश किया जा रहा है।
माल्या का दावा- ED ने खुद दी रिकवरी की जानकारी
माल्या ने अपने पोस्ट में ED के कथित हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि इसमें करीब 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई है, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए कर्ज के रूप में बकाया था।माल्या ने यह भी दावा किया कि उनकी जब्त संपत्तियों से किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों के भुगतान के लिए भी रकम जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि संपत्तियां जब्त होने के कारण वह खुद भुगतान नहीं कर पाए थे।
ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया का दिया हवाला
विजय माल्या ने भारत लौटने को लेकर कहा कि वह जानबूझकर देश से बाहर नहीं रह रहे हैं। उनका कहना है कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वह वहां से बाहर नहीं जा सकते। माल्या ने दावा किया कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल कानूनी प्रतिबंधों के चलते भारत नहीं लौट पा रहे हैं।उन्होंने खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि उनके मामले में तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया जा रहा है।
क्या है विजय माल्या पर आरोप?
विजय माल्या पर अपनी बंद हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए भारतीय बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है। इस मामले में भारतीय जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध से जुड़े मामले दर्ज किए हैं।किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बैंकों ने कार्रवाई की थी। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की।
कानूनी लड़ाई अब भी जारी
विजय माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत खुद को घोषित किए जाने को चुनौती दी है। वहीं भारतीय एजेंसियां लगातार उन्हें भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर कानूनी कार्यवाही जारी है।माल्या के ताजा बयान के बाद एक बार फिर बैंक कर्ज, रिकवरी और आर्थिक अपराधियों की वापसी को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां माल्या अपनी ओर से हुई रिकवरी का हवाला दे रहे हैं, वहीं भारतीय एजेंसियों का रुख है कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए भारत आना चाहिए।