विधायक के अवैध पीजी पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप, सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी पर साधा निशाना
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने विधायक अनिल शर्मा पर आरोप लगाते हुए सत्य निकेतन और मोती बाग क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में एमसीडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अनिल शर्मा के रसूख के कारण उनके कथित अवैध पीजी के खिलाफ शिकायतों और सबूतों के बावजूद नगर निगम कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि यह मामला कोई नई शिकायत नहीं है। उनके मुताबिक, करीब चार साल पहले अंबेडकर कल्याण समिति ने भी अनिल शर्मा के खिलाफ सरकारी जमीन पर कब्जा करने और सत्य निकेतन/मोती बाग क्षेत्र में कथित रूप से अवैध पीजी का निर्माण करने की शिकायत की थी। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि 22 सितंबर 2022 को आम आदमी पार्टी के एक विधायक की ओर से भी इस मामले की शिकायत दिल्ली के उपराज्यपाल और एमसीडी से की गई थी। सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि अवैध निर्माण से जुड़ा मामला एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसके लिए एमसीडी में भाजपा के लंबे समय से प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अंबेडकर कल्याण समिति की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजी गई शिकायत की प्रति भी साझा की। शिकायत में समिति ने आरोप लगाया था कि मोती बाग-नानकपुरा क्षेत्र में लोगों के मकानों पर कब्जा कर वहां बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है। समिति ने दावा किया था कि सत्य निकेतन और मोती बाग इलाके में कथित तौर पर फाइव स्टार पीजी अथवा होटल जैसा निर्माण किया जा रहा है। शिकायत में रिंग रोड के ऊपर मोती बाग गुरुद्वारे के पास मकान नंबर 11/78 के सामने करीब 2000 गज जमीन पर कथित कब्जे का भी आरोप लगाया गया था।
समिति ने सवाल उठाया था कि यदि मोती बाग गांव के लोगों के पास सीमित भूखंड हैं तो अनिल शर्मा और उनके परिवार के कब्जे में हजारों गज जमीन कैसे पहुंची। शिकायत में इस जमीन को डीडीए की खाली जमीन बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की गई थी। अंबेडकर कल्याण समिति ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करते हुए जांच कमेटी गठित करने और कथित अवैध निर्माण को रुकवाने की मांग की थी। शिकायत में डीडीए, दिल्ली पुलिस और एमसीडी से भी जमीन पर हुए कथित कब्जे और निर्माण की जांच करने की अपील की गई थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, लेकिन उनकी पार्टी से जुड़े लोगों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप गलत हैं तो संबंधित एजेंसियां जांच कर स्थिति स्पष्ट करें और यदि अवैध निर्माण या सरकारी जमीन पर कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, शिकायत में एमसीडी और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर रिश्वत लेने तथा अनिल शर्मा के प्रभाव में काम करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चार साल पुरानी शिकायत, वर्ष 2022 में की गई शिकायत और अब सामने आए कथित सबूतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने एमसीडी और संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
--आईएएनएस
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