विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहा विपक्ष, राहुल गांधी विपक्ष के नेता बनने योग्य नहीं : रामकृपाल यादव
पटना, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी की राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के पद के योग्य नहीं हैं।
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि राहुल गांधी अपनी भाषा और गतिविधियों से इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी की गतिविधियां विदेशी ताकतों के इशारे पर हो रही हैं।
रामकृपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस एक बड़ी राजनीतिक पार्टी है और उसके नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक साधारण कार्यकर्ता का भी सम्मान होना चाहिए लेकिन राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं और जिस तरीके से अपनी गतिविधियां करते हैं, वह उचित नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हाल के दिनों में विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के जरिए अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी गतिविधियों से देश में अराजकता का माहौल बन सकता है और विकास की गति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी गतिविधियां देशहित के विपरीत दिखाई देती हैं।
राम कृपाल यादव ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सरकार में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करता है, तो ऐसी ताकतों के खिलाफ सरकार मजबूती से खड़ी होगी। उन्होंने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों का दृढ़ता से मुकाबला किया जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए रामकृपाल यादव ने राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सावधान रहें, जो उन्हें भटकाने का प्रयास करते हैं। युवाओं की पढ़ाई-लिखाई और रोजगार देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्हें राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित होने के बजाय अपने भविष्य और विकास पर ध्यान देना चाहिए।
राम कृपाल यादव के इन बयानों से राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है। हालांकि, विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने से जुड़ा सवाल उन्होंने आरोप और आशंका के रूप में उठाया है। इस संबंध में उनके बयान में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
--आईएएनएस
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