विदेशी पर्यटकों के लिए चीन बार-बार खोजने लायक क्यों है?
बीजिंग, 17 अगस्त (आईएएनएस)। “एक बार आना बिल्कुल काफी नहीं”, “मैं बस बार-बार चीन आना चाहता हूं।” हाल ही में कई विदेशी पर्यटकों की चीन यात्रा से जुड़ी ऐसी भावनाएं सोशल प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
एक ब्रिटिश पर्यटक अपनी तीसरी चीन यात्रा पर निकला और पुराने सिल्क रोड मार्ग पर फिर से चल रहा है। एक डच पर्यटक ने शुरुआत में चीन में कुछ हफ्ते घूमने का प्लान बनाया था, लेकिन बाद में उसका प्रवास छह महीने तक बढ़ गया। वहीं, एलन मस्क ने भी सार्वजनिक रूप से चीन की प्रशंसा करते हुए लोगों को चीन आने की जोरदार सलाह दी। ऐसे में आज “बार-बार चीन की यात्रा करना” विदेशी पर्यटकों के बीच एक नया चलन बनता दिखाई दे रहा है।
नवीनतम आंकड़े भी चीन की बढ़ती लोकप्रियता की तस्वीर साफ करते हैं। इस साल की पहली छमाही में करीब 2.29 करोड़ विदेशी पर्यटकों ने चीन में प्रवेश किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20.4 प्रतिशत अधिक है। इनमें वीजा मुक्त प्रवेश करने वाले पर्यटकों की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही। वहीं, प्रस्थान पर टैक्स रिफंड पाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 366 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है।
पहले जहां विदेशी पर्यटक चीन आकर कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थलों को जल्दी-जल्दी देखने और स्थानीय उत्पाद खरीदने तक सीमित रहते थे, वहीं अब तस्वीर बदल रही है। आज वे “स्थानीय लोगों की तरह जीना” ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सब्जी मंडी जाकर दाम पूछना और मोलभाव करना, पुराने चाय घर में बैठकर चाय का स्वाद लेना और स्थानीय लोगों के साथ बादुआनजिन सीखना जैसे अनुभव तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
इस गहरे अनुभव के चलते चीन को लेकर दुनिया में बनी कई पुरानी धारणाएं भी प्रत्यक्ष अनुभव के सामने धीरे-धीरे बदल रही हैं। चीन का आकर्षण सबसे पहले उसके बेहद समृद्ध और विविध संसाधनों से जुड़ा है। हजारों मील में फैले इस देश में महान दीवार, हान पोशाक और गैर भौतिक सांस्कृतिक विरासत से जुड़े बाजार जैसी गहरी सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। इसके साथ ही रेगिस्तानी सिल्क रोड से लेकर पठार की पवित्र झीलों तक, यहां प्राकृतिक सुंदरता की भी कोई कमी नहीं है।
आंकड़ों के मुताबिक, 60 प्रतिशत से अधिक विदेशी पर्यटकों के लिए चीन आने का मुख्य उद्देश्य चीनी संस्कृति का अनुभव करना है। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि एक ही यात्रा में पूरे चीन को देख पाना लगभग असंभव है। दूसरी ओर, लगातार बेहतर होती सुविधाओं और सुविधाजनक नीतियों ने यात्रा की मुश्किलों को भी काफी कम किया है।
वर्तमान में चीन के 29 देशों के साथ पूर्ण पारस्परिक वीजा मुक्त व्यवस्था है, जबकि 50 देशों के नागरिकों के लिए एकतरफा वीजा मुक्त व्यवस्था लागू है। हाई स्पीड रेल नेटवर्क, मोबाइल भुगतान और एआई आधारित स्मार्ट यात्रा उपकरणों की मदद से विदेशी पर्यटक आसानी से बड़े शहरों से लेकर दूरदराज के गांवों तक पहुंच सकते हैं। यानी अब चीन घूमना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
यही नहीं, चीन पर्यटकों को नए अनुभवों के साथ सुरक्षा का भरोसा भी देता है। स्मार्ट वाहन निर्माताओं की उत्पादन लाइन को करीब से देखना या ड्रोन के जरिए खाने की डिलीवरी का अनुभव लेना जैसे “टेक्नोलॉजी टूरिज्म” के नए रूप भी तेजी से उभर रहे हैं। फोल्डेबल स्क्रीन वाले फोन, ड्रोन और चीन में बने दूसरे स्मार्ट उत्पाद विदेशी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय स्मृति चिन्ह बन रहे हैं। यहां तक कि कई विदेशी युवाओं के मन में चीन आकर स्टार्टअप शुरू करने का विचार भी पैदा हो रहा है।
गैलप के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, 94 प्रतिशत चीनी नागरिकों को रात में अकेले चलते समय सुरक्षा का भरोसा महसूस होता है। सड़कों पर दिखाई देने वाली सहज सद्भावना और रोशनी से जगमगाता रात्रि जीवन भी विदेशी पर्यटकों को अपनापन और गर्मजोशी का एहसास कराता है।
भविष्य में “चीनी सेवा” ब्रांड के लगातार बेहतर और उन्नत होने के साथ चीन का पर्यटन अनुभव भी और समृद्ध होगा। एक ऐसा चीन, जो त्रिआयामी, जीवंत और ऊर्जा से भरपूर है, निश्चित रूप से दुनिया भर के पर्यटकों के लिए सिर्फ एक बार आने की जगह नहीं, बल्कि बार बार लौटकर आने लायक देश बनता जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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