×

विदेशी फंडिंग में पूर्ण पारदर्शिता जरूरी, गौरव वल्लभ ने एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 का समर्थन किया

 

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने बुधवार को एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि विदेशी फंडिंग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।

गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "देश में प्रतिवर्ष 22,000 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग आती है और 16,000 से ज्यादा एनजीओ काम करते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किसी भी प्रकार का नैरेटिव सेट करने या देश की सुरक्षा के खिलाफ न हो।"

गौरव वल्लभ ने जोर देकर कहा कि अगर किसी एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द भी हो जाता है, तब भी विदेशी फंडिंग से बने एसेट्स पर निगरानी रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर बड़े स्तर पर अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग की मांग पर गौरव वल्लभ ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी की इसी तरह की याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। अब वह फिर वही आरोप लगा रही हैं। बिहार चुनाव से पहले राजद भी ठीक ऐसा ही करती थी। अब ममता बनर्जी भी वैसा ही कर रही हैं। बिहार में राजद के साथ जो हुआ, बंगाल में टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ भी ठीक वैसा ही होगा।"

गौरव वल्लभ ने आगे कहा, "मां, माटी और मानुष के नाम पर बंगाल की जनता के साथ धोखा करने वालों को अब बंगाल के लोग आने वाले विधानसभा चुनाव में सबक सिखाएंगे। ममता बनर्जी अपनी हार साफ देख रही हैं, इसलिए अभी से हार के बहाने ढूंढ रही हैं। यह उनकी बौखलाहट का स्पष्ट संकेत है।"

अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। फिजिकल डेफिसिट कंट्रोल में है, विदेशी मुद्रा भंडार ऑल-टाइम हाई पर है। उन्होंने कहा, "दुनिया के कई देशों ने पेट्रोल के दाम 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ा दिए, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम अभी भी स्थिर हैं।"

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "फिर भी अगर कोई देश को गलत तरीके से देखना और सोचना चाहता है, तो मैं उनके लिए बस यही प्रार्थना करूंगा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।"

--आईएएनएस

एससीएच