विदेश जाकर भारत का अपमान करती है कांग्रेस, सेना पर भी उठाती है सवाल : शाइना एनसी
मुंबई, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को असम्मानित किया है। शाइना एनसी ने आईएएनएस से कहा कि उनके नेता जब विदेश जाते हैं तो भारत के संविधान को लेकर, भारत के सुप्रीम कोर्ट को लेकर, भारत की ज्यूडिशियरी को लेकर और भारत के प्रधानमंत्री को लेकर टिप्पणी करते हैं। ये सेम 'टूलकिट' अपने आप को ऐसे ही प्रदर्शित करते हैं। भारत के जवानों के ऊपर भी ये सवाल खड़े करेंगे। तो ये है उनका नजरिया।
इसी बीच साउथ सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म 'फौजी' का टीजर रिलीज होने के बाद से विवाद खड़ा हो गया है। विवाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्रण को लेकर है। इस मामले पर शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि किसी भी फिल्म निर्माता को कुछ बातों को लेकर संवेदनशील होना चाहिए। एक तो जब आपके पास युद्ध नायक, स्वतंत्रता सेनानी, ऐसे लोग हों जिन्हें हम आदर्श मानते हैं जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस। आप सिर्फ एक फिल्म स्टार के किरदार को बड़ा दिखाने के लिए उनके चरित्र को कमतर या अपमानित नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमें संदर्भ को देखना चाहिए कि हम उन्हें रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। और जब आपके पास ऐसी फिल्म होती है तो दर्शक निश्चित रूप से भ्रमित होते हैं।"
दरअसल, प्रभास की फिल्म 'फौजी' का टीजर हाल ही में सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। टीजर की शुरुआत 29 मई 1942 के बर्लिन के एक सीन से होती है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एडोल्फ हिटलर के बीच बातचीत दिखाई गई है।
टीजर में दिखाया गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रभास के किरदार की तारीफ कर रहे हैं। फिल्म में प्रभास एक विद्रोही सैनिक के रोल में हैं। टीजर में नेताजी हिटलर के सामने प्रभास के किरदार की काबिलियत बता रहे हैं।
इसी सीन को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स और दर्शकों ने ऐतराज जताया है। लोगों ने इस ऐतिहासिक चित्रण की आलोचना की है और इसे नेताजी का अपमान बताया है। लोगों का कहना है कि फिल्म के हीरो को बड़ा दिखाने के लिए ऐतिहासिक महापुरुष का गलत इस्तेमाल किया गया है।
वहीं दूसरी तरफ प्रभास के फैंस का अलग तर्क है। उनका कहना है कि यह एक काल्पनिक और क्रिएटिव कहानी है, इसे इतिहास से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
--आईएएनएस
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