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वीएचपी ने वाराणसी में मीट की दुकानों के स्‍थानांतरण का किया समर्थन, श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी को बताया निराधार

 

मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने वाराणसी में मीट की दुकानों को शहर के बाहर निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।

श्रीराज नायर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम विश्वभर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, और नगर प्रशासन द्वारा शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम ने मीट की बिक्री के लिए शहर के बाहर आधुनिक और व्यवस्थित स्थान निर्धारित करने का निर्णय लिया है, तो इससे धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी सुचारू रूप से जारी रह सकेंगी।

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के धन के कथित गायब होने संबंधी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए श्रीराज नायर ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों की नियमित ऑडिट प्रक्रिया होती है तथा सभी आर्थिक लेन-देन निर्धारित नियमों के तहत दर्ज किए जाते हैं। उनके अनुसार यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता होती तो वह अब तक सामने आ चुकी होती।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा शासनकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे और उस दौर को अक्सर ‘गुंडाराज’ के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव बिना ठोस प्रमाणों के आरोप लगाने की राजनीति करते हैं।

श्रीराज नायर ने कहा कि जनता अब विकास, पारदर्शिता और सुशासन के मुद्दों पर निर्णय ले रही है और इसी कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनी रहेगी और जनता को भ्रमित करने वाले आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता पार्टी के एक पदाधिकारी साजिद यूसुफ शाह ने आरोप लगाया कि उनकी "कश्मीरी पहचान" के कारण उन्हें महाराष्ट्र में ठहरने की जगह नहीं दी गई। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराज नायर ने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देशभर में कश्मीरी शॉल और कश्मीरी इम्पोरियम का कारोबार व्यापक रूप से फैला हुआ है, जिनके मालिकों में बड़ी संख्या में कश्मीरी मुसलमान शामिल हैं, इसलिए किसी भी मामले में बिना जांच के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि संबंधित आरोपों की पूरी जांच होने के बाद ही किसी प्रकार का निर्णय लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और देश के सभी नागरिकों को संविधान और कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए।

श्रीराज नायर ने जयपुर में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही सरकारी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकारों को समय-समय पर ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई अरब देशों में भी सड़क चौड़ीकरण, शहरी विकास और सार्वजनिक सुरक्षा के उद्देश्य से धार्मिक ढांचों तक को स्थानांतरित किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में लंबे समय तक कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अवैध और अनधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई करने से बचते रहे। नायर ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा अवैध कब्जों को हटाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का वीएचपी समर्थन करती है और इसे जनहित में आवश्यक कार्रवाई मानती है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी