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विहिप का सांसदों से संपर्क अभियान, अल्पसंख्यक संस्थानों, जनसंख्या नीति और तीर्थ विकास पर मांगा समर्थन

 

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महामंत्री बजरंग बागड़ा ने शनिवार को कहा कि संगठन ने संसद के बजट सत्र के दौरान व्यापक ‘सांसद संपर्क अभियान’ चलाया, जिसके तहत कुल 375 सांसदों से संवाद स्थापित किया गया।

उन्होंने बताया कि यह अभियान 29 राजनीतिक दलों के सांसदों तक पहुंचा, जिनमें भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, तेलुगु देशम पार्टी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) शामिल हैं।

विहिप के अनुसार, अभियान के दौरान कई प्रमुख गैर भाजपा सांसदों जैसे कनिमोझी करुणानिधि, एच.डी. कुमारस्वामी और अन्य दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई।

बजरंग बागड़ा ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के कारण कुछ सांसदों से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन अभियान को व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत सांसदों के समक्ष तीन प्रमुख विषय रखे गए।

पहला विषय संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 से जुड़ा था। विहिप ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मिलने वाले विशेष अधिकारों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई संस्थानों में 90 से 95 प्रतिशत छात्र हिंदू समुदाय से होते हैं, इसके बावजूद उन्हें अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है। संगठन ने ऐसे संस्थानों की समीक्षा और ‘अल्पसंख्यक’ की स्पष्ट परिभाषा तय करने की मांग की। साथ ही, इन संस्थानों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण लागू न होने को असंतुलन का कारण बताया।

दूसरा विषय जनसंख्या असंतुलन से संबंधित था। बागड़ा ने कहा कि देश में एक समान और प्रभावी जनसंख्या नीति की आवश्यकता है तथा जनसंख्या वृद्धि के लिए एक ‘आउटर लिमिट’ तय की जानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न समुदायों के बीच जन्मदर के अंतर और अवैध घुसपैठ को भी चिंता का विषय बताया।

तीसरा विषय तीर्थस्थलों के विकास से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि देश के पर्यटन में बड़ा हिस्सा तीर्थयात्राओं से संबंधित है, लेकिन इसके बावजूद इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। विहिप ने पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत एक अलग ‘तीर्थाटन विभाग’ बनाए जाने का सुझाव दिया, ताकि कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सुविधाओं में सुधार किया जा सके।

बागड़ा ने कहा कि इन मुद्दों पर कई सांसदों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और उन्हें संबंधित मंचों पर उठाने का आश्वासन दिया है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी