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वेटरन्स डे: एलजी मनोज सिन्हा ने राजौरी में शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 

राजौरी, 14 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10वें आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स-डे के अवसर पर राजौरी स्थित एएलजी में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराज्यपाल ने लोगों को संबोधित करते हुए दूसरों की सुरक्षा को हमेशा अपनी सुरक्षा से ऊपर रखने के लिए वेटरन्स और बहादुर सेना के जवानों का आभार जताया।

उन्‍होंने कहा, “हमारे आर्म्ड फोर्से के वेटरन्स जीते-जागते इतिहास की निशानी हैं और उनके बलिदान ने न सिर्फ हमारी आजादी की रक्षा की है, बल्कि हमारे महान देश की किस्मत भी बनाई है।”

उपराज्यपाल ने कहा कि आर्म्ड फोर्सेज की सेवा कोई साधारण नौकरी नहीं, बल्कि आजीवन प्रतिबद्धता है, जो वर्दी उतारने के बाद भी समाप्त नहीं होती। वेटरन्स की वीरता केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि शांति स्थापना और राष्ट्र निर्माण में भी उनका योगदान उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब देश चैन की नींद सोता है, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर मुस्तैद रहते हैं और जब पूरा देश त्योहार मनाता है, तब वे घर-परिवार से दूर देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। सैनिक अपनी कुर्बानियों का बखान नहीं करते, बल्कि उन्हें हर पल जीते हैं।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने “वॉल ऑफ फेम” का उद्घाटन किया और वेटरन्स के लिए एक विशेष पुलिस हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वेटरन्स और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पूर्व सैनिक युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और अपने चरित्र, मूल्यों तथा निस्वार्थ सेवा से समाज और राष्ट्र को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेटरन्स की देखभाल के माध्यम से उनकी सेवा का सम्मान करना उनका व्यक्तिगत संकल्प है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा सहित सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, नायक जदुनाथ सिंह और राजौरी के वीर सपूतों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान एक विशाल एक्स-सर्विसमैन रैली का आयोजन किया गया, जिसमें वेटरन्स और वीर नारियों को मोटराइज्ड व्हीलचेयर, रेट्रोफिटेड स्कूटी और अन्य मोबिलिटी सहायता उपकरण वितरित किए गए।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी